फर्जी पासपोर्ट मामले के सिलसिले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम को आज एक स्थानीय अदालत ने तीन जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ट्रांजिट वारंट पर मुंबई से यहाँ लाए गए सलेम को एक विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश चूँकि अवकाश पर थे, लिहाजा सलेम को एक अन्य विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया जो आंध्रप्रदेश सामाजिक कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति की धोखाधड़ी के मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
सलेम को यहाँ चंचलगुडा जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामपल्ली की अदालत में लाया गया। सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दाखिल किया था, जिसमें फर्जी पासपोर्ट के मामले में सलेम को उसकी हिरासत में दिए जाने की माँग की गई थी।
मुंबई में 1993 में हुए बम विस्फोटों के मामले में भी वांछित सलेम को उसके बाद मुंबई ले जाया गया, जहाँ वह टाडा अदालत में मुकदमे का सामना कर रहा है। अदालत परिसर से रवाना होने से पहले एक संवाददाता ने सलेम से पूछा कि क्या वह अब भी मोनिका बेदी से प्यार करता है? उसने कहा हाँ।
सीबीआई अदालत द्वारा आज सुबह उसे फिर पेश करने की पुलिस को निर्देश दिए जाने के बाद सलेम को कल शहर में लाया गया था और चंचलगुडा जेल में रखा गया था।
सलेम और उसकी बॉलीवुड की पूर्व कलाकार मित्र मोनिका ने कथित तौर पर जाली नामों पर आंध्रप्रदेश के कुर्नूल जिले से पासपोर्ट हासिल किये थे। मोनिका को इस साल 25 जुलाई को उच्चतम न्यायालय द्वारा उसकी जमानत की शर्तों में ढील दिए जाने के बाद जेल से रिहा किया गया।
यह मामला फरवरी 2002 में उस समय सामने आया था जब खुफिया ब्यूरो को जानकारी मिली कि इस जोड़े ने दुबई की यात्रा के लिए फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया।
हैदराबाद के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने मार्च 2002 में पासपोर्ट रद्द कर दिया था और देश में सभी हवाई अड्डों को सतर्क किया था। हालाँकि उस समय तक वे देश से भाग चुके थे।
लंबी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के बाद सलेम को मोनिया के साथ 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से भारत लाया गया। सलेम की 1993 मे मुंबई बम विस्फोटों के सिलसिले में भी तलाश थी।
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