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घड़ी सुनाएगी छत्तीसगढ़ी धुन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंत्रालय के सामने लीवर प्रणाली पर काम करने वाली घड़ी को बदल करके जल्दी ही अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक घड़ी लगाई जाएगी जो कि संगीत की धुन भी सुनाएगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्याम बैस ने पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए कल रात बताया कि इलेक्ट्रॉनिक घड़ी में ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम (जीपीएस) का प्रयोग किया जाएगा। जीपीएस सिस्टम उपग्रह से संकेत प्राप्त कर घड़ी के मैकेनिज्म को सही समय का संकेत देगी। घड़ी बिजली से चलेगी पर बैट्री की भी वैकल्पिक व्यवस्था रहेगी।

उन्होंने बताया कि जीपीएस प्रणाली के अलावा नगर घड़ी में हर घंटे छत्तीसगढ़ी धुन 30 सेकेंड बजेगी। हर घंटे नई धुन सुनाई पड़ेगी। यह धुनें समय के मनोभाव के अनरूप होगी। सुबह जसगीत की धुन बजेगी तो बाद के घंटों में रामधुनी, भोजली, पंथी नाचा, ददरिया, देवार गीत, करमा गीत, भड़ौनी, सुआ, भरथरी, डंडा, चंदैनी, पंडवानी, राऊत नाचा, सरहुल, आल्हा, गौरा गीत, गौर नृत्य, धनकुल, बाँस गीत, कमार गीत और फाग गीत क्रमशः सुनाई देगी।

बैस ने बताया कि इसके अलावा प्राधिकरण राजधानी के कटोरा तालाब क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल, काम्प्लेक्स का निर्माण करने जा रहा है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले इस पूल में जल शुद्धिकरण के लिए आधुनिक प्रणाली का फिल्ट्रेशन प्लांट भी लगाया जाएगा।
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