बीहड़ क्षेत्र के डकैतों और अपहरणकर्ताओं के विरुद्ध स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा चलाए जा रहे अभियान में उस समय एक अत्यन्त महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई, जब एसटीएफ टीम ने बुधवार को मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुके अनूपसिंह गुर्जर को एक मुठभेड़ में मार गिराया।
अनूपसिंह लाड़पुरा थाना कैलिया जनपद जालौन का रहने वाला था। उसके पास से एक नाली बन्दूक, तमंचा, जीवित तथा खोखा कारतूस, एक बाइनाकुलर, एक टार्च बरामद हुई।
अनूपसिंह अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ मध्यप्रदेश के ग्वालियर, गुना, दतिया तथा उत्तरप्रदेश के जालौन तथा झाँसी को अपना कार्यक्षेत्र बनाकर फिरौती के लिए अपहरण बड़े पैमाने पर कर रहा था।
गैंग के मूवमेन्ट की सटीक सूचना के आधार पर एम्बुश लगाकर गैंग की घेराबंदी की गई तथा गैंग द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग के जवाब में की गई कार्रवाई में अनूपसिंह को मार गिराया गया। गैंग के अन्य साथी बीहड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
जनपद जालौन में क्रियाशील दस्यु गिरोहों के खिलाफ की गई कार्रवाई में दस्यु रघुबीर गुर्जर के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गैंग सदस्य अनूप ने स्वयं की गैंग बना ली थी और पिछले लगभग 2 वर्षों से लगातार फिरौती हेतु अपहरण एवं हत्या जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त था।
वह कई अभियोगों में अभियुक्त था और फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी हेतु उ.प्र. पुलिस ने 20 हजार तथा मध्यप्रदेश पुलिस ने 25 का पुरस्कार घोषित किया था।
बीते 2 माह में जिला दतिया (मध्यप्रदेश) के अरविन्द पाठक निवासी मगरौन से फिरौती की राशि न मिलने के कारण इस गैंग द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी। इसके अतिरिक्त अनूप ने इस वर्ष उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में लगभग 10 सनसनीखेज अपराध किए थे।
उसके विरुद्ध जनपद जालौन में हिस्ट्रीशीट संख्या 236ए खोली गई और उसकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास आरम्भ किया गया।
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