प्रमोद महाजन हत्या मामले में विशेष अभियोजक ने कहा कि इस मामले में दोषी ठहराए गए प्रवीण महाजन द्वारा बंद कमरे में दिए गए बयानों से जब 20 साल बाद रहस्य का पर्दा उठेगा तो उसकी चरित्रहीनता उजागर हो जाएगी और लोग उससे नफरत करेंगे।
उज्ज्वल निकम ने कहा कि उसकी गवाही का प्रवीण के उद्देश्य या प्रमोद को गोली मारने के पहले के घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि अपने बड़े भाई के खिलाफ उसके द्वारा लगाए गए आरोप घिनौने हैं।
एक सत्र अदालत ने प्रवीण को कल आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन अभियोजन का कहना है कि वह उच्च न्यायालय में उसे मृत्युदंड दिए जाने के लिए अपील करेगा। प्रवीण के परिजन भी सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।
उन्होंने कहा प्रवीण द्वारा सुनवाई के दौरान बंद कमरे में दिए गए बयानों से जो सामने आएगा उससे लोग उससे सिर्फ नफरत करेंगे। निकम ने कहा प्रवीण का रवैया सिर्फ उसकी घृणित मानसिक चरित्रहीनता को दिखाएगा और इससे कम कुछ भी नहीं।
तीस अक्टूबर को उस मामले पर प्रवीण अपना पक्ष रखने ही वाले थे, जब घटना वाले दिन 22 अप्रैल, 2006 को वह भरी हुई पिस्तौल के साथ अपने भाई प्रमोद के वरली स्थित घर पहुँचे थे।
जैसे ही प्रवीण ने अपना बयान शुरू किया सरकारी वकील नितिन प्रधान खड़े हो गए और माँग की कि गवाही को बंद कमरे में दर्ज किया जाए। चूँकि बचाव पक्ष ने भी अदालती आदेश पर आपत्ति नहीं व्यक्त की इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।
हत्या के कारणों की असली वजह संभवत: प्रवीण के बयान से ही पता चल पाएगी, जब दो दशक बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा क्योंकि न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा है कि प्रवीण का एक करोड़ रुपए की माँग की जाना दोनों भाइयों में विवाद का मुख्य कारण होने संबंधी अभियोजन पक्ष की दलील विश्वास करने लायक नहीं है।
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