दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवादास्पद तांत्रिक चंद्रास्वामी को विदेश यात्रा की अनुमति देने वाले निचली अदालत के फैसले पर मंगलवार को रोक लगा दी।
अपने एक अनुयाई के लिए धार्मिक अनुष्ठान के वास्ते विदेश जाने की अनुमति माँगने वाले चंद्रास्वामी पर विदेशी मुद्रा विनियमन कानून के उल्लंघन के तकरीबन दस मामले चल रहे हैं।
न्यायमूर्ति वीबी गुप्ता ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद यह रोक लगाई।
यह फैसला आते ही चंद्रास्वामी के वकील पीएन लेखी के यह कहने पर कि न्यायालय की मौजूदा पीठ से उन्हें अपने मुवक्किल के लिए न्याय की उम्मीद नहीं है। न्यायमूर्ति गुप्ता ने फ्रौन मामले की सुनवाई दूसरी पीठ के सुपुर्द कर दी।
इसके पहले अतिरिक्त सोलिसीटर जनरल पीपी मल्होत्रा ने चंद्रास्वामी को विदेश जाने की अनुमति दिए जाने का यह कहते हुए विरोध किया कि एक बार विदेश जाने के बाद मुकदमे का सामना करने के लिए चंद्रास्वामी वापस देश कभी नहीं लौटेंगे।
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