बीमारी और दुर्बलता के बाद भी विश्व प्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर की सितार के तारों पर तैरती अँगुलियों के जादू से यहाँ का संगीतप्रेमी जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
87 वर्षीय सितार वादक ने उपस्थित जनसमूह को बताया कि बीमारी के बाद वे कमजोर हो गए हैं इसीलिए उन्होंने श्रोताओं से कहा कि वे उनका साथ दें।
उन्होंने कहा मैं पूरे साल बीमार रहा। मैंने पूरी कोशिश की है कि मैं अपनी आज की प्रस्तुति से आपको संतुष्ट कर सकूँ, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैं बहुत कमजोर हो चुका हूँ।
पंडित रविशंकर ने कार्यक्रम की शुरुआत राग हमीर के साथ की तथा दो घंटे की अपनी प्रस्तुति में राग तिलकश्याम और रंगीला पीलू प्रस्तुत किया। सितार वादक पिता और बेटी अनुष्का ने एक-दूसरे की प्रस्तुति को पूर्णता प्रदान की।
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