छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में स्थित एक जेल से रविवार 110 नक्सलियों सहित करीब तीन सौ कैदी जेल कर्मचारियों पर हमला कर फरार हो गए। ये कैदी अपने साथ हथियार भी लूटकर ले गए। उन्होंने करीब 15 से 20 मिनट जेल के सुरक्षाकर्मियों से लूटे हथियारों से गोलियाँ चलाईं जिसमें पाँच लोग घायल हो गए।
प्रदेश की राजधानी से करीब 375 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थित इस जिला जेल में 377 कैदी बंद थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक (जेल) एसके पासवान ने बताया कि एक उपजेलर सहित 20 लोगों को जेल में तैनात किया गया था, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पासवान ने कहा कि वे स्वयं इस मामले की जाँच करेंगे। इसके अलावा दंडाधिकारी भी इस मामले की जाँच करेंगे। गौरतलब है कि पासवान इस मामले की तहकीकात के लिए घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
जेल तोड़ने की यह घटना शाम करीब 4.35 बजे हुई। जब कैदियों को भोजन दिया जा रहा था, इसी समय नक्सली कमांडर सुजीत कुमार ने एक बंदी रक्षक को काबू में कर लिया और उसका हथियार छीन लिया। जेल सूत्रों के अनुसार उसके बाद सुजीत ने गोली चलाई तथा तीन रक्षकों को घायल कर दिया। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आरके विज ने बताया कि दंतेवाड़ा स्थित जेल में शाम को भोजन वितरण के समय कैदियों ने अचानक प्रहरियों पर हमला कर दिया। इन कैदियों ने दो इंसास, तीन थ्रीनॉटथ्री समेत छह हथियार लूट लिए और जेल से फरार हो गए। बताया जाता है कि फरार कैदियों में 40 नक्सलवादी शामिल हैं।
विज ने बताया कि जेल से 299 कैदी फरार हुए हैं। कैदियों ने दो जेल प्रहरियों राजकुमार सोदी और सुनील कुमार के साथ ही एक अन्य कैदी को गोली मारकर घायल कर दिया, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि फरार कैदियों में नक्सली सदस्य संघम सदस्य और अन्य कैदी शामिल हैं। घटना की जानकारी जब पुलिस को मिली तब अतिरिक्त बल घटनास्थल पर भेजा गया तथा फरार कैदियों की खोज के लिए उन्हें जंगलों की ओर रवाना कर दिया गया है।
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