मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को उस समय करारा झटका लगा जब कांगेस ने खरगोन संसदीय तथा साँवेर विधानसभा सीट उससे छीन ली।
खरगोन संसदीय उपचुनाव में प्रदेश कांगेस अध्यक्ष सुभाष यादव के पुत्र अरुण यादव ने भाजपा के कृष्णमुरारी मोघे को 1.18 लाख से अधिक मतों से पराजित किया, जबकि साँवेर विधानसभा उपुचनाव में कांग्रेस उम्मीदवार तुलसी सिलावट ने भाजपा के संतोष मालवीय को 9292 मतों से पराजित किया। खरगोन में अरुण यादव को 3 लाख 92 हजार तथा मोघे को 2 लाख 73 हजार 454 मत मिले जबकि भाजश के संजय झँवर अपनी जमानत भी नहीं बचा सके और उन्हें मात्र 30215 मतों से ही संतोष करना पड़ा। कांगेस ने सभी आठ विधानसभा सीटों पर अपनी बढ़त बनाए रखी।
वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में कृष्णमुरारी मोघे ने कांगेस के ताराचंद पटेल को 57 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। इस उपुचनाव में कांगेस ने पिछली हार को तो पूरा किया ही बल्कि एक लाख 18 हजार से अधिक मतों की बढ़त बनाई। साँवेर विधान उपुचनाव में कांगेस के तुलसी सिलावट को 55 हजार 179 तथा भाजपा के संतोष मालवीय को 45 हजार 887 मत मिले जबकि भाजश के रणजीत सोनकर को 3671 मत मिले और वे अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। मध्यप्रदेश में इस साल लगातार तीन उपचुनाव में पराजित हो चुकी भाजपा को इन दोनों उपुचनाव से काफी आशाएँ थीं और इनमें विजय प्राप्त करने के लिए उसने एड़ी-चोटी तक का जोर लगा दिया था। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने स्वयं दोनों स्थानों पर चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी थी लेकिन चुनाव परिणाम से उन्हें काफी निराशा का सामना करना पड़ा।
प्रदेश कांगेस अध्यक्ष सुभाष यादव और उनके पुत्र अरुण यादव संसदीय क्षेत्र में विजय को लेकर काफी प्रसन्न हैं तथा उन्होंने इस जीत का श्रेय कांगेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और केन्द्र सरकार की जनकल्याकारी नीतियों को दिया है।
भारतीय जनशक्ति पार्टी को भी इन दोनों उपचुनाव से करारा झटका लगा है। भाजश प्रमुख उमा भारती ने दोनों ही स्थानों पर स्टार प्रचारक के तौर पर चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी थी, लेकिन दोनो स्थानों पर उनके उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। मध्यप्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए यह दोनों उपचुनाव अत्यधिक महत्वपूर्ण माने जा रहे थे तथा इसके परिणामों को लेकर जहाँ कांगेस में जश्न का माहौल है वहीं भाजपा में मायूसी छाई हुई है। राज्य विधानसभा में विपक्ष की नेता जमुना देवी ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी और कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में पनपा भ्रष्टाचार और थोथे विकास की दुहाई को मतदाताओं ने सबक सिखा दिया है।
जमुना देवी ने एक बयान में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।
स्थानीय कारण : पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने इस हार की वजह से प्रदेश में मुख्यमंत्री को बदले जाने की संभावनाओं से इनकार किया। हालाँकि यह भी कहा हम हार के कारणों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि पराजय स्थानीय कारणों से हुई है।
पुँछ, हवेली सीट पर कब्जा : जम्मू-कश्मीर में पुँछ, हवेली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मीर जहाँगीर हुसैन का सफलता मिली है। हुसैन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार यशपाल शर्मा को 4398 मतों से हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की। हुसैन को 20597 मत प्राप्त हुए। इस सीट पर 12 दिसंबर को उपचुनाव हुआ था।
इससे पहले इस सीट पर नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) का कब्जा था जो इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रही।
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