ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान राम भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुखद है कि मौजूदा समय मे राजनेता राम के अस्तित्व को ही समाप्त कर देना चाहते हैं।
शंकराचार्य सरस्वती गुरुवार शाम सरयू तट पर रामकथा पार्क में चार दिवसीय प्रसिद्ध रामायण मेला के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान राम प्रत्येक भारतीय के हृदय में विराजमान हैं। इसके बावजूद इतिहास को नकारने की कोशिश हो रही है। भगवान राम को काल्पनिक बताया जा रहा है। उनकी ऐतिहासिकता पर संदेह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब भारत मे ही संभव है। यहाँ वाक स्वातंत्र्य है लेकिन दुर्भाग्य यह है कि प्रगतिशीलता बिलकुल नहीं है।
शंकराचार्य ने कहा कि भगवान राम की ऐतिहासिकता के तमाम प्रमाण हैं फिर भी सवाल उठाने वाले को एक दिन दंड जरूर मिलेगा। रामायण मेला समिति के अध्यक्ष व रामजन्म भूमि न्यास के महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि भगवान राम सूर्य की तरह प्रकाशपुंज हैं। जिस तरह उल्लू व अंधों को सूर्य नही दिखते ठीक उसी तरह कुछ लोगों को भगवान राम काल्पनिक लग रहे हैं। भगवान राम विश्व मे सर्वत्र पूजित एवं स्थापित हैं।
उन्होंने बताया कि समाजवादी विचारधारा के डॉ. राममनोहर लोहिया ने इस रामायण मेले का शुभारंभ किया था। इसके माध्यम से उन्होंने राम के गुणों को लोक मे प्रतिस्थापित किया। उन्होंने कहा कि राम के विरोधी खुद निन्दनीय हैं।
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