बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने पटना के महिला रिमांड होम से वर्ष 2003 और 2004 में बालिकाओं को शारीरिक शोषण के लिए भेजे जाने की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जाँच के लिए पटना आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया है।
राष्ट्रीय जनता दल के सदस्य श्याम रजक के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर दखल देते हुए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जाँच समिति गठित करने की बात कही। रजक ने आरोप लगाया था कि रिमांड होम के कर्मचारी बालिकाओं को शारीरिक शोषण के लिए मजबूर करते हैं।
नीतीश ने कहा कि समिति में पटना के आयुक्त के अलावा पुलिस उपमहानिरीक्षक गुप्तेश्वर पांडेय और राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। बालिकाओं को शारीरिक शोषण के लिए भेजे जाने के समाचार के अनुसार कुछ बालिकाओं को वर्ष 2003 और वर्ष 2004 के दौरान शारीरिक शोषण के लिए रिमांड होम से भेजा गया था।
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