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नंदीग्राम मामले में सीबीआई की पूछताछ
नंदीग्राम में 14 मार्च को हुई पुलिस गोलीबारी के मामले की जाँच कर रहे सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को एक और गवाह से पूछताछ की। इस गोलीबारी में 14 लोग मारे गए थे, जबकि सौ से ज्यादा जख्मी हुए।

भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति (बीयूपीसी) के सदस्य तपस कार ने बताया कि किस तरह पुलिस ने सैकड़ों बीयूपीसी समर्थकों को तितर-बितर होने के निर्देश देने के बाद आँसू गैस के गोले छोड़े और गोलीबारी शुरू कर दी थी। पुलिस गोलीबारी में तापस की माँ मारी गई थी।

तापस ने बताया कि जुलूस की अगुवाई करने वाले लोगों में शामिल उसकी माँ गोलीबारी के बाद लापता हो गई थी और आँसू गैस का गोला लगने के बाद उसे घटनास्थल से जाना पड़ा।

उसने बताया कि बाद में उसे अखबार में छपी खबरों से पता चला कि उसकी माँ बसंती की मौत हो गई है। तपस ने जाँचकर्ताओं को बताया कि उसने अस्पताल प्रशासन से संपर्क साधा जिन्होंने उसकी माँ के मारे जाने की पुष्टि की और बाद में उसे शव सौंप दिया गया।

उसने बताया कि बसंती को शरीर पर गोली लगने के दो निशान थे जिनमें से एक पैर और दूसरी पेट के निचले हिस्से पर लगी थी।

एक अन्य सवाल के जवाब में तापस ने तीन सदस्यीय सीबीआई दल को बताया कि उसने पिछली रात की पुलिस कार्रवाई पर रेडियो पर खबर सुनने के बाद 14 मार्च को आयोजित जुलूस में हिस्सा लेने का फैसला किया था। उसे आशंका थी कि भूखंड छीनने के लिए पुलिस इलाके में दाखिल हो सकती है।

कालीचरणपुर इलाके में पान के पत्ते उगाने वाले तपस के साथ सीबीआई शिविर में आज उसके पिता गोराचंद आए थे। सीबीआई चार दिन पहले तपस की झोपड़ी में गई थी और कुछ दस्तावेज एकत्र किए। इस बीच उसके कुछ पड़ोसी जुट गए और जाँचकर्ताओं को मुश्किल पेश आई।

चार दिसंबर को तीन लोगों ने 14 मार्च को हुई गोलीबारी को लेकर सीबीआई को जानकारी दी थी। गोलीबारी में अपने भाई को खोने वाले दाखिनखली गाँव का रहने वाला पलाश गिरि तब सीबीआई के सामने पेश हुआ था। मामले में सबूत जुटाने के लिए सीबीआई के चार दल नंदीग्राम में डेरा डाले हुए हैं।
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