मद्रास उच्च न्यायालय में तमिल सुपरस्टार रजनीकांत की हाल में रिलीज ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शिवाजी द बॉस' के खिलाफ सोमवार को मानहानि का मुकदमा दाखिल कर पचास करोड़ रुपए के मुआवजे के साथ ही फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की माँग की गई।
कांग्रेस के नेता एम. सत्यमूर्ति ने अपनी याचिका में कहा है कि फिल्म अपमानजनक है और यह कांग्रेस अध्यक्ष और संप्रग की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की छवि धूमिल करने वाली है।
फिल्म शिक्षा प्रणाली का निजी संस्थानों द्वारा दोहन करने पर आधारित है जिसमें दिखाया गया है कि किस प्रकार निजी संस्थान मुँहमाँगी फीस वसूलते हैं।
फिल्म के 15 मिनट के दृश्य के दौरान इस फिल्म के नायक हीरो रजनीकांत, जो फिल्म में अमेरिका से लौटे सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका में हैं। नायक अधीकेसवन की यात्रा करता हैं और निजी विश्वविद्यालय के प्रमुख की भूमिका में इस फिल्म के खलनायक को श्रीमती गाँधी और डॉ. सिंह के फोटो के बीच खड़ा दिखाया गया है।
सत्यमूर्ति ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को खलनायक के साथ दिखाया जाना पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की छवि को धूमिल करना है। इसके लिए उन्होंने पचास करोड़ रुपए के मुआवजे और फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की माँग की है।
याचिका में सूचना एवं प्रसारण सचिव, सेंसर बोर्ड चेन्नई, अभिनेता रजनीकांत, फिल्म के प्रोड्यूसर एवीएम सरवानन, निदेशक शंकर और तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।
|