भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संप्रग सरकार पर झारखंड विधानसभा चुनावों में मतदाताओं के ध्रुवीकरण के इरादे से लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट के ‘चुनिंदा हिस्सों’ को मीडिया में लीक करने का आरोप लगाया है।
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आयोग के निष्कर्ष पर प्रतिक्रिया जताते हुए उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संप्रग सरकार ने रिपोर्ट के चुनिंदा हिस्सों को मीडिया को लीक किया ताकि यहाँ मतदाताओं का ध्रुवीकरण हो सके।
माना जा रहा है कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बाबरी मस्जिद ढ़ाँचे को गिराए जाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता अटलबिहारी वाजपेयी लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को कुछ अन्य नेताओं के साथ दोषी ठहराया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि रिपोर्ट के चुनिंदा हिस्सों को जान-बूझकर लीक किया गया है। किसी भी आयोग की रिपोर्ट को संसद का सत्र शुरू होने के पहले दिन उसके पटल पर रखे जाने की परंपरा रही है। सरकार चाहती तो इसे जुलाई में ही सदन के पटल पर रख सकती थी क्योंकि लिब्रहान आयोग ने अपनी रिपोर्ट 30 जून को ही सरकार को सौंप दी थी।
भाजपा नेता ने केंद्र से रिपोर्ट के लीक हो जाने पर सफाई माँगी। अटल बिहारी वाजपेयी सहित पार्टी के नेताओं का रिपोर्ट में नाम होने पर राजनाथ ने कहा कि देश भर में वाजपेयी की कद्दावर शख्सियत को सराहा जाता है। झारखंड चुनावों से ठीक पहले उनकी छवि घूमिल करने की कोशिश की जा रही है। झारखंड का गठन भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने ही किया था।
सिंह ने कहा कि भाजपा कभी भी साम्प्रदायिक पार्टी नहीं रही है और जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की वजह से राजनीतिक और धर्मनिरपेक्ष समूहों को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। मैं यह समझने में नाकाम रहा हूँ कि आखिर क्यों सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए राष्ट्रीय शांति को खतरे में डाल रही है।
राजनाथ ने कहा कि रिपोर्ट लीक किए जाने के तरीके से लोगों को निराशा हुई है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वाजपेयी आडवाणी और जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं पर दोष लगाने से साफ तौर पर पूर्वनियोजित षड्यंत्र का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे बड़ी सांप्रदायिक पार्टी है। आजादी के 62 वें वर्ष में देश के पहुँच जाने के बावजूद इस पार्टी ने सामाजिक भेदभाव पैदा कर अपनी राजनीति की है। जब भी कहीं चुनाव होने होते हैं कांग्रेस इस मुद्दे को हमेशा उठाती है। (भाषा)