आयोग की रपट के लीक होने पर उत्तेजित भाजपा सदस्यों ने सोमवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दी। सरकार ने हालाँकि रपट को इसी सत्र में पेश करने का आश्वासन दिया, लेकिन असंतुष्ट विपक्ष ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की जिस वजह से दोनों सदन दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिए गए।
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आयोग के निष्कर्षों का खुलासा एक अंग्रेजी दैनिक की खबर में होने के परिप्रेक्ष्य में लोकसभा और राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। खबर में कहा गया है कि अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं को कथित रूप से आयोग ने दोषी पाया है।
दोनों ही सदनों में विपक्ष के अलावा सपा और वाम दलों ने रपट ‘लीक’ होने को लेकर सरकार पर हल्ला बोला। उन्होंने कहा कि यह सदन की अवमानना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता आडवाणी ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए प्रश्नकाल स्थगित करने की माँग की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है तो वे इसे ‘चुनौती’ के रूप में स्वीकार करेंगे।
आडवाणी ने कहा कि सरकार को रिपोर्ट को सदन में पेश करने का एक भी दिन विलंब करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मस्जिद का गिराया जाना मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन था, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मुझे गर्व है कि मैं अयोध्या आंदोलन में शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि मैं वहाँ एक भव्य राम मंदिर बनते देखना चाहता हूँ।
आडवाणी ने अखबार में छपी खबर के हवाले से आयोग की रपट में वाजपेयी को कथित तौर पर दोषी ठहराए जाने पर हैरानगी जताई। भाजपा की लोकसभा में उप नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने जान-बूझकर इस रिपोर्ट को लीक किया है ताकि गन्ना मूल्य मुद्दे पर बनी विपक्ष की एकता को तोड़ा जा सके।
न्यायमूर्ति एमएस लिब्रहान की अध्यक्षता वाले आयोग का गठन अयोध्या में 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद के छह दिसंबर 1992 को ढहाए जाने के दस दिन बाद किया गया था।
दोनों ही सदनों में गृहमंत्री पी चिंदबरम ने हालाँकि आश्वासन दिया कि कार्रवाई रिपोर्ट के साथ आयोग की रिपोर्ट को इसी सत्र में पेश किया जाएगा, लेकिन उत्तेजित सदस्य उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
चिदंबरम ने राज्यसभा में कहा कि यदि मैं इस रिपोर्ट लीक करता हूँ तो मुझसे बड़ा मूर्ख कोई न होगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट की एकमात्र कॉपी है, जो सरकार के पास है और उनके मंत्रालय के किसी भी आदमी ने किसी पत्रकार से बात नहीं की है।
लोकसभा में गृहमंत्री ने कहा कि मैं इस खबर के सही या गलत होने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करूँगा। विपक्ष का हंगामा दोनों ही सदनों में लगातार जारी रहा और दो बार के स्थगन के बाद दोनों ही सदनों की बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।
लिब्रहान का इनकार : बाबरी मस्जिद विध्वंस पर अपनी रिपोर्ट के ‘लीक’ होने से क्षुब्ध एमएस लिब्रहान ने इसे लीक करने से इनकार किया और कहा कि वे ऐसे ‘चरित्रहीन’ व्यक्ति नहीं हैं, जो मीडिया को रिपोर्ट लीक कर देंगे। उन्होंने मीडियाकर्मियों को ‘दफा हो जाने' को भी कहा।
एक अंग्रेजी अखबार द्वारा रिपोर्ट के लीक होने पर संसद में मचे बबाल पर नाराज दिखे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश लिब्रहान से जब पूछा कि क्या उन्होंने तो अंग्रेजी दैनिक को रिपोर्ट नहीं दी तो उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।