भाजपा के वरिष्ठ नेता अटलबिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी को कथित तौर पर बाबरी मस्जिद ढहाए जाने का दोषी ठहरा गया है।
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न्यूज चैनलों ने सोमवार को 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि लिब्रहान आयोग द्वारा बाबरी विध्वंस पर प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह को सौंपी गई रिपोर्ट लीक हो गई है।
खबरों के मुताबिक सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस लिब्रहान की अगुआई में गठित आयोग ने अपनी रिपोर्ट में अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत मुरलीमनोहर जोशी, तत्कालीन भाजपा नेत्री उमा भारती और विनय कटियार को दोषी माना है। रिपोर्ट में विहिप नेता अशोक सिंघल को भी घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है।
रिपोर्ट के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन 22 दिसंबर को संसद में पेश होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि बाबरी विध्वंस के दस दिन बाद गठित लिब्रहान आयोग के कार्यकाल को 48 बार बढ़ाया गया। इसकी जाँच पर आठ करोड़ रुपए का खर्च आया है।
पहली बार वाजपेयी का नाम : यह पहली बार है जब अटलबिहारी वाजपेयी का नाम बाबरी विध्वंस से जोड़ा गया है। इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी और उमा भारती के नाम तो समय-समय पर इस घटना को लेकर सामने आए, लेकिन वाजपेयी की भूमिका को लेकर कभी कोई सवाल नहीं उठाया गया।
मुस्लिम संगठनों पर भी सवाल : खबरों के मुताबिक रिपोर्ट में संघ परिवार के अनुषंगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के साथ-साथ मुस्लिम संगठनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट कहती है मुस्लिम नेताओं ने समाज का सही प्रतिनिधित्व नहीं किया।
कांग्रेस ने लीक करवाई रिपोर्ट : अखबार में छपी रिपोर्ट पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। उसका आरोप है संसद में विपक्ष कोड़ा के भ्रष्टाचार गन्ना किसानों की समस्या और महँगाई के मुद्दे पर कोई बात न कर सके, इसलिए रिपोर्ट को जानबूझकर कांग्रेस ने लीक किया है।
पार्टी नेता राजीवप्रताप रुड़ी, मुख्तार अब्बास नकवी और प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि भाजपा इस रिपोर्ट को खारिज करती है। यह कांग्रेस के किसी अधिवेशन की रिपोर्ट से ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा जिस दिन रिपोर्ट सदन में पेश होगी, उसी दिन हम इसका जवाब देंगे। (वेबदुनिया न्यूज)