राष्ट्रीय | अंतरराष्ट्रीय | प्रादेशिक | बराक ओबामा | बाबा आमटे | मप्र-छग | रेल बजट | स्वाइन फ्लू | चंद्र अभियान | राष्ट्रपति की रूस यात्रा
मुख पृष्ठ » खबर-संसार » समाचार » राष्ट्रीय » प्रतिद्वंद्विता भारत-चीन के हित में नहीं-थरूर (India China border dispute)
Feedback Print Bookmark and Share
 
PIB
विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर ने भारत द्वारा चीन या उसके विकास को एक खतरे के रूप में नहीं देखने की बात का उल्लेख करते हुए रविवार को कहा कि दोनों देश प्रतिद्वंद्विता पर आधारित रिश्ता रखने में सक्षम नहीं होंगे और इन्हें समृद्धि एवं साझा भलाई के लिए हाथ मिलाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच की सीमाएँ बहुत अधिक शांतिपूर्ण है और सीमा समस्याओं को ‘वार्ता और कूटनीति’ के जरिये समाधान करना चाहिए।

उन्होंने यहाँ ‘उभरता चीन : एशिया में साझेदारी के परिदृश्य’ विषय पर एक सम्मेलन में कहा कि भारत सरकार चीन या चीनी विकास को किसी तरह के खतरे के रूप में नहीं देखता है। हम चीन के साथ एक दोस्ताना और सहयोगी रिश्ते तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं, जो हमारा सबसे बड़ा पड़ोसी देश है और जिसके साथ हम प्रतिरोध का रिश्ता नहीं रख सकते।

थरूर ने कहा कि भारत और चीन को आर्थिक मंदी से बाहर निकालने में विश्व अर्थव्यवस्था की मदद कर नई वैश्विक चुनौतियों का एक साथ हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में सीमा को लेकर कुछ मतभेद हैं और हमारा मानना है कि वार्ता और कूटनीति इन मतभेदों को हल करने की कुंजी है। विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने इस तरह के मुद्दे को क्रियात्मक क्षेत्रों की राह में नहीं आने देने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि यदि चीनी उद्‍घोषक भारत के प्रति अपनी समझ को गहरा करते हैं तो यह मदद करेगा। हमें चीन को और अधिक समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि मीडिया एक जिम्मेदार भूमिका अवश्य निभाएगी, जो इस मुद्दे पर हमेशा रचनात्मक नहीं रहती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे मतभेदों का समाधान ढूँढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। (भाषा)
संबंधित जानकारी खोजें