राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने मझौले एवं छोटे अखबारों से कहा है कि प्रसार के लिहाज से वे भले ही कम हों, लेकिन आजादी से लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
श्रीमती पाटिल ने उनसे मिलने गए मझौले एवं छोटे अखबारों के सौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही। उन्होंने कहा आप अपने को छोटा न समझें। अब भ्रूण हत्या और आतंकवाद के खात्मे तथा सर्वशिक्षा अभियान में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को मझौले और छोटे अखबारों की समस्याओं से अवगत कराया। (वार्ता)