आईबीएन-लोकमत टीवी चैनल के कार्यालयों पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं के कथित हमले की निंदा करते हुए पत्रकारों ने शनिवार को यहाँ प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ पत्रकार विजय दर्डा और राजदीप सरदेसाई ने यहाँ दक्षिणी मुंबई में हुतात्मा चौक पर मीडियाकर्मियों को संबोधित किया। प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों से महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने भी मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि हमले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरदेसाई ने पाटिल से कहा कि अगले महीने विधानसभा के शीत सत्र से पहले सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए और मीडिया पर हमले करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए।
एडिटर्स गिल्ड ने निंदा की : नई दिल्ली में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने हमले की निंदा की और सरकार से दोषियों की पहचान करने तथा उन्हें दंडित करने की माँग की। गिल्ड के अध्यक्ष राजदीप सरदेसाई और सचिव केएस सच्चिदानंद मूर्ति ने एक बयान में कहा कि गिल्ड आम सहमति से इस हिंसक कार्रवाई को खारिज करता है और न सिर्फ इस हरकत बल्कि इसके पीछे की सोच की भी निंदा करता है।
लखनऊ में भी विरोध : चैनल के दफ्तर में तोड़फोड़ एवं पत्रकारों की पिटाई की उत्तरप्रदेश के विभिन्न पत्रकार संगठनों एवं लखनऊ के
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पारिवारिक न्यायालय के अधिवक्ताओं ने घोर निंदा की है।
उत्तरप्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा), अवध बार एसोसिएशन और उत्तरप्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने तोड़फोड़ की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर यह हमला अत्यंत घृणित और ओछी मानसिकता का प्रतीक है। अधिवक्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे का पुतला भी फूँका।
राज्यपाल ने निंदा : महाराष्ट्र के राज्यपाल एससी जमीर ने मराठी न्यूज चैनल आईबीएन-लोकमत के कार्यालय में तोड़फोड़ किए जाने की तीखी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को राजनीतिक संरक्षण मिलता है। उन्होंने कहा कि एक मीडिया संगठन के कार्यालय और मीडियाकर्मियों पर हमला स्तब्धकारी और शर्मनाक है। (भाषा)