नई दिल्ली/जिनेवा, रविवार, 22 नवंबर 2009( 00:12 IST )
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह अमेरिका की अपनी राजकीय यात्रा के रास्ते में शनिवार को यहाँ पहुँचे जहाँ वे एक रात रुकेंगे। प्रधानमंत्री की इस यात्रा में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के नई ऊँचाइयों पर पहुँचने की उम्मीद है।
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यहाँ एक रात रुकने के बाद मनमोहन रविवार को वॉशिंगटन के लिए रवाना होंगे। सोमवार को वे यूएस चैम्बर ऑफ कॉमर्स तथा सीनेट की विदेश मामलों की समिति को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों से चर्चा करेंगे। मंगलवार की शाम ओबामा मनमोहन के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। ओबामा प्रशासन के दौरान मनमोहन की यह पहली राजकीय अमेरिकी यात्रा है।
मंगलवार को सिंह ओबामा के साथ कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ अपने संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है, जिन्हें आज ‘बेहतर परिपक्वता, गहराई और हितों में समरूपता जैसी विशेषताओं के साथ देखा जाता है।
अपने नौ दिवसीय विदेश प्रवास पर रवाना होने से पहले मनमोहन ने अपने बयान में संबंधों को नई गति मिलने का विश्वास जताया। इस दौरान वे राष्ट्रमंडल देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो भी जाएँगे।
उन्होंने कहा बीते कई वर्षों में भारत अमेरिकी रिश्तों के स्वरूप में बदलाव आया है। ओबामा प्रशासन के पिछले 10 माह के कार्यकाल के दौरान मनमोहनसिंह राजकीय अतिथि के रूप में वहाँ पहुँचने वाले पहले विदेशी नेता होंगे।
वॉशिंगटन में चार दिन के प्रवास के दौरान उनका कार्यक्रम बहुत व्यस्त रहेगा। इस दौरान वे अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात के अलावा सीनेट की विदेशी मामलों की समिति और दोनों देशों के व्यवसाय जगत की प्रमुख हस्तियों को संबोधित करेंगे। सिंह ने कहा 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक सतत और गतिशील भारत-अमेरिका संबंधों की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक खतरों और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक मंदी, दोहा व्यापार वार्ता, परमाणु निरस्त्रीकरण और अप्रसार जैसी चुनौतियों पर ओबामा के साथ बातचीत में प्रगति के प्रति वे काफी आशान्वित हैं।
भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा कि दोनों देशों की सरकारें ऐतिहासिक असैन्य परमाणु करार के क्रियान्वयन को लेकर कृतसंकल्प हैं, जिससे भारत को कई तरह के लाभ होंगे और अमेरिका के लिए व्यापार के रास्ते खुलेंगे।
द्विपक्षीय स्तर पर उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश, सेवा क्षेत्र, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा, उच्च प्रौद्योगिकी व्यापार, शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देकर भारत इस बातचीत को और उपयोगी बनाने की दिशा में आशान्वित है। सिंह के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलुवालिया भी जा रहे हैं। (भाषा)