रक्षामंत्री एके एंटनी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान में आतंकी ढाँचा अब भी मौजूद है और अधिकतर आतंकी संगठन सैन्य प्रतिष्ठानों के नजदीक हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए चिंता का विषय है।
भारत में 26/11 की तरह लश्कर के हमले की योजना के बारे में पाकिस्तानी प्रशासन को जानकारी होने संबंधी रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि सीमा के पार लगभग सभी आतंकवादी संगठन मौजूद हैं और दुर्भाग्य से उनमें से अधिकतर सैन्य ठिकानों के आसपास हैं। यह हमारे लिए चिंता की बात है।
रक्षा क्षेत्रों के सार्वजनिक उपक्रमों एवं आयुध फैक्टरियों को दिए जाने वाले सम्मान समारोह के इतर रक्षामंत्री संवाददाताओं से बात कर रहे थे। भारत में 26/11 की तरह के अन्य हमले की संभावना के बारे में उन्होंने कहा कि सब लोग अच्छी तरह जानते हैं कि हमारी सुरक्षा को खतरा है और यह लगातार बना हुआ है। 26/11 के बाद अब तक हम उनके प्रयासों को रोकने एवं परास्त करने में सक्षम रहे हैं। उनका (आतंकवादियों) प्रयास जारी है, लेकिन हम भी सतर्क हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी समूहों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता और उन्हें प्रतिबंधित नहीं करता तब तक भारत का उसके साथ संबंधों को सुधारना काफी मुश्किल है।
अन्य बड़े आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत की प्रतिक्रिया के बारे में रक्षामंत्री ने कहा कि उस वक्त हम उसी अनुरूप कार्य करेंगे, यह एक काल्पनिक सवाल है। हम मौका नहीं देने जा रहे। राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी) की सुरक्षा बढ़ाने के उपाय पर उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि कुछ ताकतें भारत की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा के लिए दिक्कतें पैदा करने का प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि इसलिए हम न सिर्फ एनडीसी की सुरक्षा के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं बल्कि हम हर जगह एहतियात बरत रहे हैं। एनडीसी लश्कर के आतंकवादी डेविड हेडली और तहाव्वुर हुसैन राना का मुख्य निशाना था। दोनों को अमेरिका में एफबीआई ने गिरफ्तार किया था।
एंटनी ने कहा कि सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियाँ समन्वित तरीके से एहतियात बरत रही हैं और सुरक्षा के लिए हर जतन कर रही है।(भाषा)