शिक्षा के क्षेत्र में वृहद् सहयोग की पेशकश करते हुए फ्रांस ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय छात्रों का वहाँ स्वागत है और वह भारत के विकास में ‘विशिष्ट सहयोगी’बनना चाहता है।
भारत में फ्रांस के राजदूत जेरोम बोनाफोंट ने उच्च शिक्षा पर यहाँ एक सम्मेलन में कहा, ‘भारत और फ्रांस के बीच कई चीजें एक समान हैं। लेकिन हम विशेषज्ञ लोगों को चाहते हैं जो किसी विशेष क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी हों।’
बाद में उन्होंने प्रेट्र से कहा‘सभी क्षेत्र खुले हैं । नैनो तकनीक, चिकित्सकीय शोध और परमाणु विज्ञान उनमें शामिल हैं। फिलहाल फ्रांस में 1200 भारतीय छात्र हैं और कुछ वर्षों में हम संख्या को तीन गुना करना चाहते हैं। इसके लिए हमने अपनी वीजा प्रणाली का आधुनिकीकरण किया है।'
उच्च शिक्षा में मानवीय मुद्दों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हुए फ्रांस के राजदूत ने कहा कि भारत जैसे देशों में शिक्षा व्यवस्था उत्कृष्ट विश्वविद्यालय प्रणाली से गुजर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित देशों की तरह विश्वविद्यालयी शिक्षा प्रणाली विकसित करनी चाहिए।(भाषा)