उच्च शिक्षा में छात्रों के नामांकन दर में वृद्धि को एक बड़ी चुनौती करार देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा कि 2020 तक नामांकन दर 30 प्रतिशत बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिल कर काम करने और वर्तमान संस्थाओं में निवेश की जरूरत है।
उच्च शिक्षा पर फिक्की के शिखर सम्मेलन में सिब्बल ने कहा‘हमारे देश में 22 करोड़ बच्चे स्कूल जाते हैं जिनमें से केवल 2.6 करोड़ कालेजों में नामांकन कराते हैं। इस तरह से 19.4 करोड़ बच्चे स्कूली शिक्षा से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।’
उन्होंने कहा‘हमारा लक्ष्य उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर को 12 प्रतिशत से बढ़ा कर 2020 तक 30 प्रतिशत करने का है। इसके बावजूद 6.6 करोड़ छात्र ही कालेज स्तर में नामांकन करा पायेंगे।’
उन्होंने कहा‘इस उद्देश्य के लिए वर्तमान शिक्षण संस्थाओं में निवेश बढ़ाने की जरूरत है तभी हम इन अतिरिक्त चार करोड़ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा सकेंगे।’
मानव संसाधन विकास मंत्री ने इस बात पर चिंता जतायी कि सरकार के इन प्रयासों के बावजूद 15 करोड़ बच्चे कालेज स्तर पर नामांकन नहीं करा पाएँगे।
सिब्बल ने कहा‘यह एक बड़ी चुनौती है। इसे अकेले नहीं किया जा सकता है। सरकार इसे अकेले नहीं कर सकती है। यह एक ऐसी चुनौती है जिसका मुकाबला सरकार,शिक्षा के सभी पक्षों, सामाजिक संगठनों, कारोबारी संस्थाओं एनजीओ को मिलकर करना है।’
सिब्बल ने कहा‘दुनिया में ऐसा प्रयास पहले नहीं हुआ और इसके लिए दुनिया में कोई मॉडल भी उपलब्ध नहीं है। इस अभिवन प्रयोग के लिए हमें अपना देशी नुस्खा तैयार करना होगा।’
उन्होंने कहा‘स्कूली शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए व्यवसायिक पाठ्यक्रम पेश करना एक समाधान हो सकता है। दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उन्हें शिक्षित करने के उपाए भी कारगर हो सकते हैं।’
सिब्बल ने कहा‘संस्थाओं को दस्तकारी, लकड़ी का काम, एयरकंडिशनिंग, कपड़े सिलने के काम, आटोमोबाइल क्षेत्र के लिए सर्टिफिकेट कोर्स पेश किये जाने की जरूरत है।’
उन्होंने कहा ‘आने वाले समय में देश में बड़ी संख्या में अर्ध चिकित्सा कर्मियों और अर्ध विधिक कर्मचारियों की जरूरत होगी। इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए कोर्स पेश किए जाने की जरूरत है।’
मंत्री ने कहा‘इसके लिए गुणवत्तापूर्ण विदेशी शिक्षा प्रदाताओं से गठजोड़ की जरूरत है। यह सभी लोगों के हित में हैं अन्यथा इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा।’
अमेरिका स्थित येल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रिचर्ड लेविन ने कहा‘अमेरिका में उच्च शिक्षा में नामांकन दर 63 प्रतिशत है जबकि भारत में 12 प्रतिशत है।’
उन्होंने कहा‘भारत सरकार ने इसे बढ़ा कर 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन इसके लिए शिक्षा के सभी आयामों में विस्तार की जरूरत है क्योंकि महान शिक्षण संस्थाओं का निर्माण केवल ईंटों से नहीं बल्कि शिक्षाविदों, चिंतकों छात्रों और नेताओं के सहयोग से होता है।'(भाषा)