आयकर विभाग ने बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के राँची के घर के कई कमरे और अल्मीरे सील कर दिए हैं। कोड़ा पर अवैध हवाला लेन-देन और गैर कानूनी निवेश में शामिल होने का आरोप है।
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने भी कोड़ा को अस्पताल में समन भेजा, जहाँ वे भर्ती हैं। कर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तलाशी अभी भी जारी है और उन्होंने देश भर में कोड़ा और उसके सहयोगियों की संपत्ति सील करने के बाद उन स्थानों पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है ताकि कोई उनके पास न जा सके।
आयकर विभाग जब भी संपत्ति या कोई चीज जब्त करती है तो आयकर अधिनियम की धारा 132 के तहत निषेधात्मक आदेश जारी करती है।
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के एक दल कल राँची पहुँचकर तथा कथित हवाला लेन-देन से जुड़े उन दस्तावेज को अपने अधिकार में लिया, जो आयकर छापों के दौरान मिले थे।
अधिकारियों ने कहा कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सात सहयोगियों पर धन शोधन का आरोप है और प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें कथित तौर पर हवाला लेन-देन और निवेश के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया है।
अधिकारियों ने कहा कि कोड़ा को कल राँची में अस्पताल में समन भेजा गया, जहाँ उन्हें उच्च रक्तचाप और पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग दोनों ने कोड़ा और उनके सहयोगियों के कथित तौर पर हवाला लेन-देन और 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश के सबंध में दस्तावेजों की जाँच शुरू की है।
आयकर विभाग ने आज भी राँची और मुंबई में छापे मारे। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, नासिक और जमशेदपुर से आईटी विभाग के निदेशालयों द्वारा भेजे गए दस्तावेजों और सूचनाओं को इकट्ठा किया जा रहा है।
कोड़ा और कम से कम आठ अन्य व्यक्तियों पर संयुक्त अरब अमीरात, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और लाइबेरिया जैसे देशों में करोड़ों रुपए की संपत्ति जमा करने का आरोप है।
प्रवर्तन निदेशालय ने राँची में कोड़ा और पाँच अन्य व्यक्तियों के अलावा उनके मंत्रिमंडल में रहे कमलेशसिंह, भानुप्रताप साही और बंधु तिर्की के खिलाफ धनशोधन निवारक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कोड़ा की हालत आज स्थिर बताई जा रही है। उच्च रक्तचाप और पेट दर्द की शिकायत पर कोड़ा को कल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। (भाषा)