प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने उनकी चंडीगढ़ यात्रा के दौरान पीजीआईएमईआर अस्पताल में गुर्दा रोग से पीड़ित 32 वर्षीय मरीज की मौत के बाद उनकी पत्नी को बुधवार को पत्र लिखकर उन प्रतिबंधों पर खेद जताया, जिनके चलते रोगी को तुरंत चिकित्सकीय उपचार नहीं मिल सका।
अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा घेरे में आवाजाही के चलते लोगों को होने वाली असुविधा पर गौर करते हुए सिंह ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा इंतजाम के दौरान आम आदमी की चिंताओं के प्रति ‘अधिक संवेदनशीलता’ बरती जाए।
गुर्दा रोग से पीड़ित रहे इस व्यक्ति की पत्नी को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपके पति सुमित वर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ। वर्मा के परिवार ने दावा किया था कि यह बताने के बावजूद कि मरीज की हालत नाजुक है, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात कर्मी गत मंगलवार उन्हें अस्पताल के एक दरवाजे से दूसरे दरवाजे पर भेजते रहे।
अस्पताल ने कहा कि वर्मा को जब आपातकालीन वार्ड में लाया गया तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अपने दौरे के चलते लगे प्रतिबंधों के कारण मरीज के अस्पताल में समय पर नहीं पहुँच पाने पर गौर करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मुझे गहरा खेद है। सिंह एक संस्थान के सालाना दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ आए थे।
उन्होंने कहा कि मैंने निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में अधिकारी सुरक्षा कारणों के चलते इस तरह के प्रतिबंध लगाने के दौरान आम आदमी की चिंताओं के प्रति अधिक संवेदनशील रहें। (भाषा)