पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा भारतीय ठिकानों पर कई बार किए गए हमलों से आजिज सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने बुधवार को कहा कि अब समय आ गया है जब राष्ट्र इस प्रकार की घटनाओं के मामले में देश एकजुट होकर कहे कि 'बस, अब और नहीं'।
राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में सीआईआई संगोष्ठी में सेनाध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका ने दूसरा 9/11 नहीं होने दिया, इंडोनेशिया ने दूसरी बाली बम घटना नहीं होने दी। भारत में लोगों को संसद पर हमले, दिल्ली विस्फोट और अंतत: 26/11 की पीड़ा झेलनी पड़ी। अब हम सभी के लिए यह कहने का समय आ गया है- अब और नहीं।
लश्करे तोइबा, जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तान स्थित अन्य आतंकी समूहों और पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर भारत में होने वाले आतंकी हमलों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है।
सेना प्रमुख ने कहा कि भारत 26/11 जैसे हमलों की पुनरावृत्ति होते नहीं देख सकता। उन्होंने जोर दिया कि खुफिया एवं सुरक्षा सूचना के आदान-प्रदान के लिए राष्ट्रव्यापी ढाँचा गठित किया जाना चाहिए।
कपूर ने कहा कि सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए समाज को एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि दक्षिण एशिया क्षेत्र आतंकवाद की विषम तथा चौथी पीढ़ी की युद्धकला के स्थायी खतरे का सामना कर रहा है।
जनरल कपूर ने कहा कि बेहतर सुरक्षा के लिए देश को राष्ट्रीय स्तर पर सुविचारित और सुनियोजित सुरक्षा ढाँचे की जरूरत है तथा सरकार को इस उद्देश्य के लिए एक सूचना ग्रिड कायम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों, एजेंसियों और विभागों की जिम्मेदारियाँ तय करना भी देश की सुरक्षा के लिए ‘अनिवार्य कदम’ है।
कपूर ने कहा कि सशस्त्र बलों ने अपने आधुनिकीकरण अभियान में यह निर्धारित कर दिया है और वे पारंपरिक एवं अपारंपरिक खतरों को तालमेल और समन्वित ढंग से निपटाने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ लेने की योजना बना रहे हैं।
सेनाध्यक्ष ने औद्योगिक जगत से भी आग्रह किया कि वह देश की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए ‘जिम्मेदार और महत्वपूर्ण’ भूमिका निभाए। (भाषा)