चंडीगढ़ (भाषा), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 18:53 IST )
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प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में ढाँचागत सुधारों की आवश्यकता है ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं में सुधार हो सके और वंचित लोगों को साधनों तक पहुँचने में मदद मिल सके।
मनमोहन ने कहा कि भारत ने पिछले दशकों में स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। पिछले सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार दिखा है, लेकिन हम जो हासिल करना चाहते थे और जो हासिल करने में हम सक्षम हैं उसकी तुलना में हमारी प्रगति काफी कम है।
प्रधानमंत्री ने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के 30वें दीक्षांत समारोह में अपने संबोधन में कहा कि यह कई दूसरे देशों खासकर कई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में अर्जित उपलब्धियों की तुलना में भी कम है।
मनमोहन ने कहा कि उच्च स्तर के अनुसंधान में मग्न होना और जमीनी हकीकतों को भुला देना अर्थशास्त्र की तरह औषधि क्षेत्र में भी आसान है।
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने कहा कि लोगों में यह आम राय है कि जनता के पैसे चलने वाले संस्थान लोगों के किसी काम नहीं आते। बड़े पैमाने पर यह सोचा जाता है कि हमारी आबादी के गरीब और समाज के वंचित तबकों तक स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुँच पाई।