नई दिल्ली (भाषा), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 13:16 IST )
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जयपुर में इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के डिपो के तेल भंडारण में पिछले छह दिनों से लगी भीषण आग को पर्यावरण एवं जीव-जंतुओं के लिए खतरनाक बताते हुए पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि इससे निकल रही विषैली गैसें ताजमहल पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगी।
जाने-माने पर्यावरणविद एमसी मेहता ने कहा आईओसी के तेल डिपो में लगी आग के कारण वायुमंडल में भारी मात्रा में कार्बन डाई आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर जैसे हानिकारक गैस घुल-मिल रहे हैं।
नार्वेस्टर हवाओं के प्रभाव में इनका रुख हवा के बहाव के साथ आगरा की ओर होगा, जहाँ विश्व प्रसिद्ध ताजमहल स्थित है।
उन्होंने कहा ताजमहल संगमरमर से निर्मित है और आग से हवा में घुल मिल गई उक्त गैसें संगमरमर पर प्रतिक्रिया करके उसकी सफेदी बदरंग कर देंगी, जिससे उसकी नैसर्गिक खूबसूरती प्रभावित होगी।
मेहता ने कहा जयपुर के पास ही स्थित भरतपुर वन्य जीव अभयारण्य के जीव-जन्तु भी इससे गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। इसके कारण आने वाले समय में अभयारण्य के जानवर गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
वायुमंडल प्रदूषण के बारे में जागरुकता फैलाने वाली संस्था ‘हजार्ड सेंटर’ के विशेषज्ञों ने कहा कि तेल डिपो में लगी आग के कारण भारी मात्रा में नाइट्रोजन और सल्फर गैस निकल रही है, जिससे इन सर्दियों में ‘अम्ल वर्षा’ की आशंका है।