नई दिल्ली (भाषा), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 13:54 IST )
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आंध्रप्रदेश के राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी को राहत देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक युवक द्वारा उनके खिलाफ दायर पितृत्व याचिका को खारिज कर दिया। युवक ने दावा किया था कि वरिष्ठ राजनेता उसके जैविक पिता हैं।
न्यायमूर्ति एसएन धींगरा ने कहा कि रोहित शेखर की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और 84 वर्षीय तिवारी की याचिका को स्वीकार कर लिया। तिवारी ने याचिका को खारिज करने की माँग की थी।
शेखर ने याचिका दायर करते हुए दावा किया था कि उनकी माँ उज्ज्वल शर्मा और तिवारी के बीच घनिष्ठ संबंधों के कारण उनका जन्म हुआ, लेकिन तिवारी ने इससे इनकार किया।
इससे पहले अदालत ने नवंबर 2008 में तिवारी को जवाब दायर करने को कहा था। सुनवाई के दौरान तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने कहा कि समय सीमा के अंदर रोहित की याचिका दायर नहीं किए जाने के कारण इसे स्वीकार नहीं किया गया।