अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करें बहुसंख्यक-गृहमंत्री
देवबंद, उत्तरप्रदेश (भाषा), मंगलवार, 3 नवंबर 2009( 21:45 IST )
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बाबरी मस्जिद विध्वंस को धार्मिक उन्माद और पूर्वाग्रह से किया गया कार्य करार देते हुए गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिकता निंदनीय है और बहुसंख्य समुदाय का कर्तव्य बनता है कि वह अल्पसंख्यकों को सुरक्षा प्रदान करे।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के नाम पर हिंसा के मार्ग की निंदा की जानी चाहिए। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की 30वीं आमसभा में चिदंबरम ने संगठन की ओर से पिछले वर्ष आतंकवाद के खिलाफ जारी फतवे की सराहना की और कहा कि केवल मुसलमानों को ही नहीं, बल्कि सही दिशा में सोचने वाले सभी लोगों को इसका अनुसरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए अपने अल्पसंख्यकों की उपेक्षा करना जोखिम भरा कार्य साबित हो सकता है। हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि बहुलवाद ही हमारी धरोहर एवं ताकत है। बहुसंख्यकों का कर्तव्य है कि वह अल्पसंख्यकों की रक्षा करें। कुछ लोगों की कारगुजारियों से असमानता उपजी है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम को हम विदेशी मत के रूप में नहीं देखते क्योंकि यह आपके पूर्वजों की भूमि है, यह आपकी जन्मभूमि है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि इस्लाम बड़े धर्मों के साथ भारत में मौजूद है।
गृहमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब दूसरे देशों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लाम अवांछित हिंसा, अशांति फैलाने, खूनखराबा, हत्या आदि की अनुमति नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंका में तमिलों के अधिकार नहीं दिए जा रहे और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हमला हो रहा है, ऐसे समय में हमें मुस्लिमों के अधिकारों के बारे में बोलने में कोई हिचकिचाहट नहीं हो रही। चिदंबरम ने कहा कि सांप्रदायिकता की निंदा की जानी चाहिए और आधुनिक समाज बनाने में यह बाधा है।
चिदंबरम ने कहा कि सभी लोगों को इस बात को याद रखना चाहिए कि बहुलतावाद हमारी विरासत है। यह केवल बिना सोचे-समझे शब्दों के इस्तेमाल और कार्यों के कारण ही हमने अपनी विविधता को मतभेद बना दिया है।
उन्होंने कहा कि इसी के कारण भारत मानव इतिहास का सबसे अधिक बहुनस्ली, बहुधर्म और बहुभाषी समाज बन कर सामने आया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है खासकर ऐसे समय में जब दुनिया देश हाल में प्राप्त विविधता के संदर्भ में संघर्ष कर रहे हैं। गृहमंत्री ने स्वतंत्रता, संघर्ष, राष्ट्र निर्माण और मुस्लिम लीग के दो राष्ट्रों के सिद्धांतों का विरोध करने के लिए जमीयत की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान हजारों मुस्लिम नेताओं ने कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया और पीड़ा सही है।