रक्षामंत्री एके एंटनी ने पश्चिम बंगाल के माओवाद प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती करने की अपनी कैबिनेट सहयोगी ममता बनर्जी की माँग को बुधवार को अस्वीकार करते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल ‘अंतिम उपाय’ है।
एंटनी ने कहा कि चाहे पश्चिम बंगाल की बात हो या किसी अन्य इलाके की। हमारा नजरिया यह है कि आंतरिक सुरक्षा के लिए रक्षा बलों की तैनाती अंतिम उपाय है। केवल अंतिम उपाय के तौर पर ही हम नक्सली इलाकों में सशस्त्र बलों की तैनाती करेंगे।
रेल मंत्री ममता बनर्जी की इस बारे में की गई माँग पर एंटनी की टिप्पणी यहाँ तटरक्षक कमांडरों के एक सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से बातचीत में सामने आई।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कल माँग की थी कि पश्चिम बंगाल में सरकारी असला घर से ‘माकपा गुंडों’ द्वारा कथित तौर पर लूटे गए हथियारों की बरामदगी के लिए केन्द्र को सेना का इस्तेमाल करना चाहिए।
एंटनी ने कहा कि कानून और व्यवस्था के मुद्दे को संबंधित राज्य सरकारों को देखना चाहिए। उन्होंने साथ ही माओवादियों के हिंसा छोड़ने से पूर्व उनसे बातचीत किए जाने की संभावनाओं से पूरी तरह इनकार किया।
कल नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस के दो ड्राइवरों का पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिले में कथित रूप से माओवादियों द्वारा अपहरण किए जाने के बाद ममता ने गृहमंत्री से अपनी मुलाकात में माँग की थी कि केन्द्र को सेना का इस्तेमाल करना चाहिए।
तटीय सुरक्षा की समीक्षा : रक्षामंत्री ने कहा कि सरकार पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों की बरसी पर देश की तटीय सुरक्षा तंत्र की विस्तृत समीक्षा करेगी। तटरक्षक बल में 50 विभिन्न पोतों और इंटरसेप्टर नौकाओं को शामिल कर उसे और मजबूत बनाया जाएगा।
फगानिस्तान में सैन्य अभियान : एंटनी ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभियानों में शामिल होने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है और उन्हें ‘अभी या भविष्य’ में ऐसी कोई संभावना दिखाई नहीं देती।