राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा वर्ष 1990 में रथयात्रा के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बिहार में गिरफ्तारी पर पुस्तक लिखे जाने की घोषणा से उपजे राजनीतिक विवाद के बीच पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने बुधवार को कहा कि लालू को ऐसा करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
तिवारी ने बुधवार को इसे बहुत पुरानी घटना बताते हुए कहा कि लालू ऐसा पहली बार नहीं बोल रहे हैं। वह इससे पहले भी कई बार ऐसी घोषणा कर चुके हैं और उन्हें ऐसे पुराने और बेकार मुद्दों की चर्चा करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
रेलमंत्री होने के दौरान प्रबंधन गुरु के नाम से चर्चित हो चुके राजद नेता लालू ने पिछली 26 अक्टूबर को कहा था कि आडवाणी की रथ यात्रा के बाद बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को लेकर वह एक पुस्तक लिखने की योजना बना रहे हैं।
लालू ने कहा कि जिस समय विवादित ढाँचा ढहाया गया उस वक्त बिहार में उन्हें स्थिति से निपटने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
लालू ने यह भी कहा था कि हर तरह के दबाव को नजरअंदाज करते हुए उन्होंने रथयात्रा के दौरान लालकृष्ण आडवाणी को बिहार में गिरफ्तार करवाया था।