नई दिल्ली (भाषा), शुक्रवार, 11 सितंबर 2009( 00:23 IST )
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल सुधार के कार्यक्रम में योग्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की कमी चिंता का विषय है।
शिक्षकों की कमी से संबंधित एक प्रश्न के जवाब में सिब्बल ने कहा कि हमने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 12.27 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया था और अब तक 9.86 लाख शिक्षकों को नियुक्त भी किया जा चुका है।
इस वर्ष भी हमने 55 हजार शिक्षकों को नियुक्त किया है लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षक अभी भी हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे सामने इसका समाधान निकालना कठिन कार्य बना हुआ है। हमें इसके लिए कोई तंत्र स्थापित करना होगा। इसके लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी पर भी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी शिक्षक के पास मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है, तब मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत उसे पाँच वर्षों में उपयुक्त डिग्री हासिल कर लेने की की बात कही गई है।
शिक्षा को देश के कोने-कोने में पहुँचाने की योजना का जिक्र करते हुए सिब्बल ने कहा कि हमने इस उद्देश्य से ‘पड़ोस स्कूल’ की परिकल्पना की है। शिक्षा के अधिकार के अमल में आने के बाद अब बच्चा भी कह सकता है कि स्कूल इस स्थान पर होना चाहिए।’’
स्कूलों में हादसों को रोकने का तंत्र बने : दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में भगदड़ में पाँच छात्राओं की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्कूलों में उपयुक्त तंत्र स्थापित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कूल में ऐसा हादसा शर्मनाक है और स्कूलों में ऐसा तंत्र बनाया जाना चाहिए कि ऐसे हादसों को रोका जा सके।