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पाक को लेकर भारत सतर्क-कृष्णा
मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ताओं पर दबाव बनाने को लेकर पाकिस्तान की तरफ से मिल रहे विरोधाभासी संकेतों का भारत बहुत सतर्कता और जिम्मेदारी से मूल्यांकन कर रहा है तथा देश को आतंकियों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई का इंतजार है।

जमात-उद-दावा के नेता हाफिज सईद की रिहाई पर अपनी अस्वीकृति जताते हुए विदेशमंत्री एसएम कृष्णा ने रविवार को कहा कि आतंकवादी साजिशकर्ता सईद की रिहाई के खिलाफ पाकिस्तान सरकार द्वारा एक अदालत में की गई अपील पर भारत को कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है।

उन्होंने जापान के अपने चार दिवसीय दौरे से लौटते समय कहा कि आतंकवादी हमलों के पीछे जिसका दिमाग रहा, उसे छोड़ दिया गया। हमने नहीं सुना कि पाकिस्तान सरकार इस मामले को एक अपील में उठा रही है। अत: इसकी रोशनी में पाकिस्तान से विरोधाभासी संकेत मिल रहे हैं। कृष्णा ने कहा कि इन संकेतों का मूल्यांकन करने के लिए भारत को बहुत सतर्क और जिम्मेदार रहना है।

पाकिस्तान की तरफ से विश्वसनीय कदमों की भारत की अपेक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत सामान्य सी बात है। हम चाहते हैं कि मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाया जाए। भारत केवल इसके लिए कह रहा है और हम इंतजार कर रहे हैं।’’

कृष्णा ने कहा कि मैंने बार-बार कहा है कि यह दिखाई देने वाला और विश्वसनीय होना चाहिए। पाकिस्तान की तरफ से कुछ प्रतिबद्धता होनी चाहिए कि वे मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो वह इस महीने के अंत में मिस्र में गुट निरपेक्ष आंदोलन की शिखरवार्ता से इतर अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मैं पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ मुलाकात करना चाहूँगा। कुछ भी हो हम एक ही छत के नीचे हैं। इसलिए देखते हैं कि क्या होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत करने में भारत कभी हिचका नहीं है।

कृष्णा ने कहा कि मैं नहीं सोचता कि पाकिस्तान में हुए अन्य घटनाक्रम, समानांतर घटनाक्रम पाकिस्तान की समग्र वार्ता को आगे बढ़ाने की इच्छा में विश्वसनीयता लाएँगे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से भारत को पाकिस्तान से बात करने की सलाह पर कृष्णा ने कहा कि नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के साथ बातचीत से कभी ना नहीं कहा।

उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से बातचीत के लिए कभी भी ना नहीं कहा है। भारत का बहुत ही स्थायी रुख रहा है कि हम बात करेंगे, लेकिन हम आतंकवाद के बारे में बात करेंगे। हम आतंकवाद के बारे में विचार विमर्श करेंगे।

अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन के दौरे के संबंध में कृष्णा ने कहा कि उन्होंने क्लिंटन से बात की है और इसे लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा कि इसी महीने क्लिंटन के नई दिल्ली दौरे में वे पाकिस्तान की तरफ से उठ रहे आतंकवाद के मुद्दे को उठाएँगे।

आज के समय में गुट निरपेक्ष आंदोलन (नाम) की प्रासंगिकता के सवाल पर उन्होंने कहा कि विशेष तौर पर दक्षिण सहयोग के संदर्भ में इसकी अहम वैश्विक भूमिका है। कृष्णा ने जोर देकर कहा कि मैं यह मानने से इनकार करता हूँ कि ‘नाम’ अप्रासंगिक हो चुका है।
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