भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम) के स्थान पर पुन: मतदान-पत्र इस्तेमाल करने के सुझाव को रविवार को माकपा, जनता दल (एस) और लोकजन शक्ति पार्टी का समर्थन प्राप्त हुआ है।
आडवाणी को हाल ही में समाप्त हुए लोकसभा चुनाव के परिणामों पर कोई भी संदेह नहीं है, लेकिन वे महसूस करते हैं कि देश में एक बार फिर से चुनाव में मतपत्र का इस्तेमाल होना चाहिए और इसकी शुरुआत अक्टूबर में महाराष्ट्र और उसके बाद कुछ अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा के चुनावों से होनी चाहिए, जब तक चुनाव आयोग यह सुनिश्चित नहीं करता है कि इन ईवीएम के साथ अब कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती है और न ही इनका दुरुपयोग किया जा सकता है।
लेकिन इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक चुनाव में हारी हुई पार्टी का हैरत में डालने वाला बयान है, जिसने अपनी हार का गलत उत्तर खोजा है।
चुनाव आयोग की ओर से इस संबंध में कोई बयान नहीं मिल सका है क्योंकि मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला, चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी देश से बाहर हैं और अन्य आयुक्त वीएस संपत इस समय छुट्टी पर हैदराबाद में हैं।
चुनाव आयुक्त कुरैशी इससे पहले दिए गए एक बयान में साफ कह चुके हैं कि वे ईवीएम के इस्तेमाल से पूरी तरह संतुष्ट हैं और इनका किसी भी प्रकार से दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में गठित एक तकनीकी समिति ने भी यह बात सुनिश्चित की है।
चुनाव में मतदान में इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन (ईवीएम) के बारे में एक वर्ग द्वारा प्रश्न उठाने के संदर्भ में भाजपा ने आज कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों में इनके इस्तेमाल से पहले चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इनसे कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।
पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि यह उम्मीद की जाती है कि चुनाव आयोग इन मशीनों की उचित जाँच के बाद देश के नागरिकों को यह सुनिचित कराएगा कि इन मशीनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है और जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता है, तब तक महाराष्ट्र और हरियाणा में मतदान का कार्य मतपेटी में मत डालकर पूरा किया जाना चाहिए।
प्रसाद ने कहा कि जर्मनी में इस प्रकार की ईवीएम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग चुका है, जबकि अमेरिका ने इस प्रकार की मशीनों के लिए कुछ न्यायिक हिदायतें जारी की हैं। दुनिया के अनेक देशों में फिर से मतपेटियों में मत डालने की परंपरा शुरू हो रही है।
माकपा ने कहा कि ईवीएम के इस्तेमाल के बारे में उठाए गए प्रश्नों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उन पर विचार किया जाना चाहिए, जबकि विशेष रूप से दुनिया के अनेक देशों ने ईवीएम के स्थान पर मतपत्र का प्रयोग शुरू कर दिया है।
पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि ईवीएम के इस्तेमाल के बारे में अनेक प्रश्न उठाए जा चुके हैं, जो गंभीर भी है। यदि हम लोकतंत्र को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इन प्रश्नों को गंभीर मानते हुए इन पर विचार किया जाना चाहिए। |