केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि शिक्षा नीति पर नए सिरे से ध्यान दिये जाने की जरूरत है।
सिब्बल ने यहाँ ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के 61 वें शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली के फिर से निर्धारण का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली युवा पीढ़ी में देश भक्ति जैसे अच्छे गुणों का विकास करने में कहीं न कहीं विफल रही है। उन्होंने 1964-66 के शिक्षा पर गठित कोठारी आयोग का भी उल्लेख किया।
सिब्बल ने 'नौशेरा का शेर' कहे जाने वाले ब्रिगेडियर उस्मान की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ब्रिगेडियर उस्मान के बलिदान से बड़ा बलिदान नहीं हो सकता। हमारी युवा पीढ़ी को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आस्कर फर्नांडिस ने इस मौके पर कहा कि ब्रिगेडियर उस्मान ने पाकिस्तान का सेना प्रमुख बनने की पेशकश को ठुकरा दिया था जिससे पता चलता है कि वह केवल अपने देश के लिए ही जीते थे।
उन्होंने शहीद ब्रिगेडियर के जीवन से जुड़े अध्याय को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध सिब्बल से किया जिससे कि युवा पीढ़ी को इस रणबाँकुरे के जीवन के बारे में जानकारी मिल सके। |