राष्ट्रीय महिला आयोग ने शनिवार को कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के समलैंगिकता को वैध करने के निर्णय पर देशव्यापी बहस की जरूरत है।
आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने कहा कि आयोग को लगता है कि इस मुद्दे पर देशव्यापी बहस होनी चाहिए, जिसमें पूरे समाज को भागीदार बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यौन शोषण अधिनियम पर चर्चा के दौरान गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और सरकार के बीच चर्चा में अनुच्छेद 377 पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन बहस को और व्यापक होना चाहिए। |