देश की दूसरी हरित क्रान्ति में रेलवे ने अपने योगदान की पेशकश करते हुए शुक्रवार को ऐलान किया कि सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत कोल्ड स्टोरेज स्थापित किये जाएँगे तथा उत्पादन स्थल से उपभोक्ता केन्द्रों तक फल और सब्जियाँ पहुँचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ चलायी जाएँगी।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा में 2009-10 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि फल और सब्जियों के बेकार होने के कारण हर साल होने वाले 35,000 से 40, 000 करोड़ रुपए के नुकसान के मद्देनजर रेलवे का फलों एवं सब्जियों,मछलियों जैसे नाश्यवान उत्पादों को उनके चिह्नित उत्पादन स्थानों से उपभोक्ता केन्द्रों तक पहुँचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ चलाकर दूसरी हरित क्रान्ति में योगदान देने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि इससे नाश्यवान उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी बरकरार रखी जा सकेगी । ममता ने कहा कि इसके अलावा रेलवे सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत कोल्ड स्टोरेज और ताप नियंत्रित नाश्यवान कार्गो केन्द्रों की स्थापना एवं उनके परिवहन के लिए सुविधाओं के सृजन को प्रोत्साहित करेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि समान आधार पर लघु उद्योग क्षेत्र के प्रोत्साहन के लिए तिरूपुर, धानेखाली,शांतिपुर जैसे उत्पादन स्थालों से ग्रामीण हस्तशिल्प,कुटीर उद्योग और वस्त्र उत्पाद को उपभोक्ता केन्द्रों तक पहुँचाने के लिए सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। |