कामकाजी महिलाओं और युवाओं को भारी राहत देते हुए रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मुंबई की तर्ज पर अन्य कुछ शहरों की उपनगरीय ट्रेनों में महिला स्पेशल ट्रेनें चलाने तथा युवा पीढ़ी के लिए ‘युवा गाड़ियाँ' चलाने का ऐलान किया।
ममता ने लोकसभा में 2009-10 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि हमारे देश में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ी है। कार्य के लिए उन्हें यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इसलिए मैं मुंबई उपनगरीय पैटर्न पर दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता उपनगर में केवल महिलाओं के लिए ईएमयू गाड़ियाँ चलाने की घोषणा करती हूँ।
उन्होंने कहा कि ये गाड़ियाँ कार्यसमय के दौरान महिला यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाएँगी। युवाओं को समर्पित गाड़ी चलाने का ऐलान करते हुए ममता ने कहा कि युवा पीढ़ी हमारी संपत्ति है और हमें उस पर गर्व है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण गरीब युवा हमारी गाड़ियों में यात्रा नहीं कर पाते हैं। मैं विशेष रूपसे युवा पीढ़ी के लिए समर्पित युवा गाड़ियाँ चलाऊँगी।
उन्होंने कहा कि ऐसी गाड़ियाँ प्रमुख शहरों के बीच चलायी जाएँगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि युवा और कम आय समूह वाले व्यक्ति इन शहरों के बीच कम किराये पर यात्रा कर सकें।
ये गाड़ियाँ 1000 किलोमीटर से 2500 किलोमीटर के बीच एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए चलेंगी। इनका किराया 1500 किलोमीटर तक 299 रुपए तथा 2500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 399 रुपए होगा।
ममता ने कहा कि फिलहाल तीन महीने के भीतर पायलट सेवा के रूप में मुंबई से दिल्ली और दिल्ली से कोलकाता के बीच साप्ताहिक गाड़ी चलाई जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो देश के अन्य भागों में भी इस प्रकार की गाड़ियाँ चलाई जाएँगी।
युवा ट्रेनों के बारे में रेलवे बोर्ड के सदस्य (यातायात) श्रीप्रकाश ने बताया कि ये चूँकि लंबी दूरी की गाड़ियाँ होंगी और इनमें सिर्फ बैठने की व्यवस्था होगी इसलिए इसे युवा नाम दिया गया है क्योंकि आम तौर पर माना जाता है कि इतना अधिक समय बैठकर वे आसानी से सफर कर सकते हैं। |