रेल कर्मचारियों की नयी पीढ़ी के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर रेलवे अस्पतालों से जुड़े मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने की योजना सरकार ने बनायी है।
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए कहा कि ये कॉलेज, चेन्नई, हैदराबाद, बिलासपुर, लखनऊ, बारासात, भुवनेश्वर, मैसूर, खड़गपुर, गुवाहाटी, डिब्रूगढ, जोधपुर,गार्डनरीच, नागपुर, अहमदाबाद, बीआरसिंह अस्पताल कोलकाता, भोपाल, जम्मू एवं त्रिवेन्द्रम में होंगे।
उन्होंने यह ऐलान भी किया कि दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, सिकंदराबाद, लखनऊ और जबलपुर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर रेलवे भूमि पर सात नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है ताकि बेहतर व्यावसायिक अवसर प्राप्त करने के लिए रेलवे कर्मचारियों के आश्रितों को सुविधा हो सके।
ममता ने कहा कि 150 से अधिक बिस्तरों वाले 16 अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाली महिलाओं और पुरुषों के लिए डॉर्मिटरी बनायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि रेल कर्मियों के विशेष चिकित्सा उपचार के लिए महाप्रबंधकों को चार लाख रुपये तक के मामले स्वीकृत करने का अधिकार होगा। टालीगंज के मेट्रो रेलवे अस्पताल को 75 बिस्तर वाले अस्पताल के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है।
ममता ने कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, सिकंदराबाद, बेंगलूर और बीआर सिंह अस्पताल कोलकाता के प्रमुख अस्पतालों में बर्न यूनिट की व्यवस्था करायी जाएगी। |