उन्होंने इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की घोषणा की, जो उन्हें यह सलाह देगी कि ऐसे तथाकथित ‘आर्थिक रूप से गैर व्यवहारिक’ परंतु सामाजिक दृष्टि से आवश्यक परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण और उनके कार्यान्वयन के लिए कौन से नये उपाय हो सकते हैं।
रेलमंत्री के रूप में प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए ममता ने यात्री सुविधाओं, साफ सफाई, रेलवे खानपान की गुणवत्ता, संरक्षा एवं सुरक्षा और समय पालन को गिनाया।
पिछली संप्रग सरकार में रेलमंत्री रहे लालूप्रसाद यादव की टोकाटाकी के बीच ममता ने कहा कि अपना कार्यभार संभालने के बाद मुझे समग्र यात्री सुविधाओं के बारे में बिगड़ती हुई स्थिति के संबंध में लगातार शिकायतों का सामना करना पड़ा है। इसलिए यात्री सुविधाओं, साफ सफाई, रेलवे खानपान की गुणवत्ता, संरक्षा एवं सुरक्षा तथा समयपालन के क्षेत्रों में दृष्टिगोचर सुधार करना मेरी प्राथमिकता होगी।
ममता ने लंबी दूरी की गाड़ियों में कम से कम एक डॉक्टर की तैनाती का भी प्रस्ताव रखा । प्रारंभ में ऐसा चेन्नई, बेंगलूर, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता और भुवनेश्वर में एंबुलेंस सेवाएँ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुविधाएँ बढ़ाने के लिए अनारक्षित टिकट प्रणाली ‘माँ, माटी, मानुष’ तक पहुँचाने के लिए उन्होंने 5000 डाकघरों से कंप्यूटरीकृत टिकट बेचने की घोषणा की।
इसके अलावा ममता ने मोबाइल वैन से टिकटों की खरीद फरोख्त के लिए ‘मुश्किल आसान’ नामक सेवा शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत इस वर्ष देशभर में 50 ऐसी मोबाइल टिकट बिक्री वैन मुहल्ले मुहल्ले घूमकर रेल टिकट बेचेंगी।
उन्होंने सुपरफास्ट पार्सल एक्सप्रेस गाड़ियाँ चलाने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस तीव्रतर पार्सल सेवा के तहत गारंटीशुदा पारगमन समय होगा और इसकी बुकिंग वेब आधारित होगी।
छात्रों को टिकट रियायत की घोषणा करते हुए रेलमंत्री ने कहा कि बालिकाओं के लिए स्नातक स्तर तथा बालकों के लिए 12वीं स्तर के स्कूल से घर के बीच द्वितीय श्रेणी की यात्रा के लिए नि:शुल्क मासिक सीजन टिकट अब मदरसा, उच्च मदरसा तथा सीनियर मदरसा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी दी जाएँगी।
ममता ने किसानों के उत्पादों के लिए विशेष गाड़ियाँ चलाकर दूसरी हरित क्रान्ति में रेलवे के योगदान का भी प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि देश में फल और सब्जियों के बेकार हो जाने के कारण हर साल 35,000 से 40,000 करोड़ रुपए का अनावश्यक नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि रेलवे का फलों और सब्जियों एवं मछलियों जैसे नष्ट हो सकने वाले उत्पादों को उनके चिह्नित उत्पादन स्थलों से उपभोक्ता केन्द्र तक पहुँचाने के लिए विशेष रेलगाड़ियाँ चलाने का प्रस्ताव है। ममता ने बताया कि इन गाड़ियों में ऐसी व्यवस्था होगी कि नाश्यवान उत्पादों की गुणवत्ता और ताजगी बरकरार रखी जा सकेगी।
उन्होंने पश्चिमी तथा पूर्वी मार्गो पर समर्पित माल यातायात गलियारा परियोजना को 'डायमंड रेल गलियारा’ का नया नाम दिया। उन्होंने काचरापाड़ा हालिशहर रेलवे परिसर में प्रति वर्ष 500 सवारी डिब्बा निर्माण क्षमता वाले अत्याधुनिक नए रेल कोच कारखाना स्थापित करने की भी घोषणा की। |