झारखंड में किसी राजनीतिक दल द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किए जाने के मद्देनजर केन्द्र ने वहाँ राष्ट्रपति शासन जारी रखने के प्रस्ताव को गुरुवार को हरी झंडी दे दी।
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की अध्यक्षता में यहाँ हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद सूचना-प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बताया कि कैबिनेट ने झारखंड में 18 जुलाई, 2009 के बाद राष्ट्रपति शासन जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि झारखंड के राज्यपाल ने 16 जून को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के पाँच महीने बीत जाने के बाद भी राजनीतिक गतिरोध कायम है और किसी राजनीतिक दल या समूह ने सरकार बनाने का दावा नहीं पेश किया है।
राज्यपाल ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने की सिफारिश की थी, जिसे कैबिनेट ने आज मंजूर कर लिया। अब इस प्रस्ताव को संसद में पेश किया जाएगा।
सोनी ने बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद-356 के तहत प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की घोषणा की थी। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रपति शासन को छह महीने बीत जाने के बाद यदि किसी राज्य में इसे जारी रखना है तो संसद के दोनों सदनों से राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन हासिल करना आवश्यक है। |