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शिक्षा में सुधार पर जोर
संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में आईआईटी और आईआईएम जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिला में गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है। समीक्षा में सभी को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा में सुधार किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।

समीक्षा में आईआईटी, आईआईएम जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले को सुलभ बनाने का सुझाव दिया गया है। यह कहा गया है कि बड़ी संख्या में निजी कोचिंग संस्थान दाखिले को लेकर जारी अंधी दौड़ को बढ़ावा दे रहे हैं। माता-पिता इंजीनियरिंग अथवा प्रबंधन संस्थानों में दाखिले के लिए परीक्षा की तैयारी हेतु बड़ी मात्रा में राशि व्यय कर रहे हैं। इन चीजों पर रोक लगए जाने की जरूरत है।

समीक्षा में निजी संस्थानों के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ये संस्थान व्यावसायिक तौर पर विनियमित हों ताकि उनके पाठ्यक्रम, डिग्रियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य हों।

समीक्षा में वैश्विक स्तर की प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी-निजी भागीदारी के साथ इसे अफसरशाही नियंत्रणों से मुक्त किए जाने की जरूरत पर बल दिया गया है।
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