ममता बनर्जी द्वारा तीन जुलाई को लोकसभा में पेश किए जाने वाले रेल बजट में ‘आम आदमी’ का विशेष खयाल रखे जाने के साथ ही यात्री सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाने की घोषणा होने की संभावना है।
वर्ष 2009-10 के इस रेल बजट में यात्री किराये और माल भाड़े में खास फेरबदल होने की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ सेक्टरों में माल ढुलाई में रियायत की घोषणा हो सकती है। फेरी वालों के लिए मासिक रियायती पास की भी घोषणा की जा सकती है।
स्टेशनों और ट्रेनों में जनता खाना तथा कुछ और जनता ट्रेनों की व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन को और मजबूत बनाने में जुटी ममता रेल बजट में वहाँ के लिए कुछ नई परियोजनाएँ और कुछ नई ट्रेनें शुरू करने की घोषणा कर सकती हैं। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और विश्व स्तरीय स्टेशनों के निर्माण की सूची में सियालदह को भी स्थान मिलने की उम्मीद की जा रही है।
बजट में आम आदमी का खयाल रखने का संकेत ममता बनर्जी की बुधवार को की गई उस टिप्पणी से भी मिलता है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका रेल बजट एक जनोन्मुखी बजट होगा, यह एक सीधा-सादा और जनता का बजट होगा।
उन्होंने कहा कि बजट से अपेक्षाएँ काफी ज्यादा हैं और साथ ही कहा कि उन्हें इस पर काम करने के लिए महज 15 दिन का समय मिला है। बजट में गरीब रथ जैसी कुछ और ट्रेनें चलाने की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। हालाँकि इनका नाम गरीब रथ के बजाय कुछ और हो सकता है और इस तरह की ट्रेनों में गैर वातानुकूलित डिब्बे भी जोड़े जा सकते हैं।
ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलें और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था हो, बजट में इस पर खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। ममता अपने बजट में समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर के काम को गति देने के लिए कुछ घोषणा कर सकती हैं।
बजट में यात्री सुरक्षा के लिए फंड आवंटन बढ़ाया जा सकता है। रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा आधुनिक उपकरणों के साथ सुरक्षा जाँच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए पहल की भी उम्मीद है।
बजट में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर सुरक्षा श्रेणी में आने वाले रिक्त पदों को जल्द भरने और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था करने का भी जिक्र हो सकता है। पूर्व रेलमंत्री लालूप्रसाद ने आम चुनाव के मद्देनजर इस साल फरवरी में अंतरिम रेल बजट पेश किया था। |