सरकार ईंधन की कीमतों से प्रशासनिक नियंत्रण हटाने के अलावा बृहस्पतिवार को पेट्रोल-डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतों में कमी कर सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर, डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर तक और एलपीजी की कीमत में 25 रुपए प्रति सिलेंडर की कटौती कर आम लोगों को राहत दी जा सकती है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर 9.70 रुपए और डीजल पर प्रति लीटर 3.70 रुपए का मुनाफा कमा रही हैं। हालाँकि कंपनियों को एलपीजी की बिक्री पर प्रति सिलेंडर 31.70 रुपए और केरोसिन पर प्रति लीटर 11.69 रुपए का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर होने वाले नुकसान की भरपाई की प्रणाली खोजने के बाद ईंधन की खुदरा कीमतों को प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त करने का भी प्रस्ताव है।
सरकार पेट्रोल और डीजल पर न्यूनतम एक रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर अतिरिक्त राजस्व अर्जित करेगी। एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर हो रहे घाटे के लिए कैबिनेट चालू वित्तवर्ष में 30 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त तेल बाण्ड जारी करने का निर्णय कर सकती है। दिसंबर में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी। |