उच्चतम न्यायालय ने उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री और बसपा अध्यक्ष मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में मुकदमे के लिए पर्याप्त सबूत होने के सीबीआई के दावे के बाद मायावती को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम एवं न्यायमूर्ति आरएम लोढा की खंडपीठ ने मायावती की ओर से अदालत में पेश उत्तरप्रदेश के महाधिवक्ता शैल कुमार के अनुरोध पर यह समय दिया है।
मायावती ने एक अलग याचिका में कहा है कि लोकसभा में विश्वासमत के दौरान उनकी पार्टी के सांसद ब्रजेश पाठक को संसद भवन के बाहर धमकी दी गई थी।
मायावती के अनुसार बहुचर्चित ताज कॉरिडोर मामले में सीबीआई ने पहले कहा था कि इस मामले में बसपा अध्यक्ष के खिलाफ प्रथम दृष्टया अभियोजन का मामला नहीं बनता है। बाद में सीबीआई इससे पलट गई और कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत अभियोजन के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। मायावती ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। |