ब्रिटेन के 800 साल पुराने प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह के नाम पर भारतीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) शुरू की है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. एलिसन रिचर्ड ने सोमवार को यहाँ यह जानकारी दी। उन्होंने बताया मनमोहनसिंह अंडर ग्रेज्युएट (स्नातक पूर्व) छात्रवृत्ति के तहत विश्वविद्यालय के किसी कॉलेज के किसी विषय में भारतीय छात्रों को पढ़ाई के लिए पूरी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया भारतीय छात्रों की सहायता के लिए 15 लाख पौंड का एक कोष भी स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय दाखिला कार्यालय की एक टीम इन छात्रों का इंटरव्यू भारत में करेगी। दस भारतीय छात्रों को स्कॉलरशिप देने का लक्ष्य रखा गया है, पर स्तरीय उम्मीदवारों को देखते हुए इसकी संख्या घटाई-बढ़ाई जा सकती है।
प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने अपने नाम पर छात्रवृत्ति शुरू करने पर विश्वविद्यालय के प्रति आभार माना। उन्होंने कहा यह जानकर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है कि अंडर ग्रेज्युएट विद्यार्थियों के लिए इन छात्रवृत्तियों का नाम मेरे सम्मान में रखा गया है।
मुझे यकीन है कि इस कार्यक्रम से न सिर्फ भारत और ब्रिटेन के लोगों के बीच संबंध मजबूत करने में सहायता करेंगे, बल्कि बराबरी और न्याय पर आधारित बेहतर विश्व बनाने के हमारा साझा मकसद भी पूरा होगा।
मनमोहनसिंह अंडर ग्रेज्युएट स्कॉलरशिप फंड की शुरुआत इरांडा फाउंडेशन तथा सुनील भारती मित्तल की एयरटेल कंपनी के जरिये हुई है। प्रो. रिचर्ड ने बताया कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने आईआईटी मुंबई, भारतीय विज्ञान संस्थान, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) और टाटा संस के साथ शिक्षा के क्षेत्र में एक करार पर हस्ताक्षर भी किए हैं।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की स्थापना 1206 में हुई थी। इसमें करीब 18 हजार छात्र पढ़ते हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू, विश्वविख्यात वैज्ञानिक रामानुजन, महाराजा रणजीतसिंह, हरिवंश राय बच्चन, अमर्त्य सेन, मनमोहनसिंह और लार्ड करन बिलमोरिया इस विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं। |