ट्रक हड़ताल के प्रति रवैया कड़ा करते हुए सरकार ने शुक्रवार को शीर्ष हड़ताली नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच ट्रकों की हड़ताल आज पाँचवें दिन भी जारी रही जिसका असर आवश्यक जिंसों की आपूर्ति पर दिखने लगा है।
वहीं ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने माँगे माने जाने तक हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है। हड़ताल के मद्देनजर लोग घबराहट में खरीददारी कर रहे हैं जिससे फलों, सब्जियों तथा अन्य आवश्यक जिंसों के बढ़ते दाम सरकार के लिए चिंता का कारण बन गए हैं।
सरकार ने कहा है कि वह इससे निपटने के लिए जब्त ट्रकों को सड़क पर उतार सकती है तथा अन्य वाहनों को माल ढुलाई की अनुमति दी जा सकती है।
ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष चरणसिंह लोहड़ा तथा सचिव एस वेणुगोपाल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कई राज्यों ने भी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) के तहत गिरफ्तारियां की हैं ताकि हड़ताली ट्रक मालिकों पर दबाव बनाया जा सके।
सरकार तथा हड़ताली ट्रक परिचालकों में पिछले दो दिन से कोई बातचीत नहीं हुई है। सरकार की ओर से परिवहन सचिव ब्रह्म दत्त ने कहा है कि इस बार कोई नरमी नहीं बरती जाएगी हम उनसे सख्ती से निपटेंगे।
वहीं हड़ताल की अगुवाई कर रहे एक नेता ने कहा,'हड़ताल जारी रहेगी क्योंकि मौजूदा हालात में कारोबार करने में हड़ताल से भी अधिक नुकसान है।'कारोबारियों का कहना है कि सब्जियों,फलों तथा इस तरह के अन्य उत्पादों की कीमतें कुल मिलाकर नियंत्रण में हैं लेकिन लोगों में घबराहट दिखने लगी है।
इससे पहले दिन में सरकार ने ट्रक परिचालकों को आगाह किया कि एस्मा के तहत और अधिक गिरफ्तारियां की जाएँगी। दत्त ने कहा है कि आवश्यक जिंसों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वह अगले कुछ दिनों में 15-20 लाख ट्रक सड़कों पर उतार सकती है। सरकार जब्त ट्रकों का इस्तेमाल करेगी या अन्य वाहनों को माल ढोने की अनुमति दी जाएगी।
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस हड़ताल को 'जनता के हित के खिलाफ'बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र इस बारे में राज्यों के साथ संपर्क में है क्योंकि ट्रक परिचालकों की अधिकतर माँगें राज्यों से सम्बद्ध हैं। |