सत्यम के 7800 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े की जाँच कर रहे सरकारी अधिकारियों ने कंपनी के परिसर और उसके रिकॉर्ड कार्यालय से दस्तवेज जब्त किए।
कंपनी मामले के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने शुक्रवार को कहा जब्ती की प्रकिया सुबह पाँच बजे तक चलती रही। उन्होंने कहा सरकार ने सत्यम की आठ सहयोगी कंपनियों के खातों की जाँच के लिए भी एक आठ सदस्यीय दल भेजा है।
कंपनी मामले के मंत्रालय ने गुरुवार को जिन आठ कंपनियों के खिलाफ जाँच का आदेश दिया उनमें मेटास प्रापर्टीज और मेटास इन्फ्रास्ट्रक्चर भी शामिल हैं।
कंपनी के संस्थापक बी. रामालिंगा राजू द्वारा किए गए वित्तीय अनियमितता के खुलासे के बाद मंत्रालय ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) हैदराबाद से कंपनी की जाँच करने को कहा। इधर बाजार सेबी ने भी जाँच के आदेश दिए।
गुप्ता ने कहा कि हैदराबाद के मजिस्ट्रेट से न्यायिक आदेश मिलने के बाद आरओसी सेबी के साथ मिलकर सत्यम के दफ्तर गई और कंपनी के परिसर और रिकॉर्ड कार्यालय से दस्तावेज जब्त किए।
मंत्री ने इससे पहले कहा था कि यह मामला गंभीर धोखधड़ी जाँच कार्यालय (एसएफआईओ) के पास भेजा जाएगा। सरकार की यह शाखा गंभीर कार्पोरेट अपराधों की जाँच करती है। गुप्ता ने कहा जिन आठ अधिकारियों को हैदराबाद भेजा गया है, वे कंपनी अधिनियम 209-ए के तहत जाँच करेंगे।
मेटास प्रापर्टीज और मेटास इन्फ्रास्ट्रक्सचर के अलावा सत्यम की जिन सहयोगी कंपनियों की जाँच की जा रही है, उनमें सत्यम बीपीओ, निपुण सर्विसेज, नॉलेज डायनामिक्स, निटोर ग्लोबल साल्यूशंस, सत्यम एएसपी और सत्यम वेंचर इंजीनियरिंग सर्विसेज शामिल हैं। |