राहुल गाँधी को प्रधानमंत्री बनाने के अभियान में आज विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी भी शामिल हो गए। मुखर्जी ने कहा कि हमारे पास राजीव गाँधी जैसे युवा प्रधानमंत्री थे। हम उम्मीद करते हैं कि मिस्टर राहुल गाँधी भी अपने पिता के पदचिह्नों का अनुसरण कर सकते हैं।
विदेशमंत्री अब अर्जुनसिंह, दिग्विजयसिंह तथा वीरप्पा मोइली के समूह में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने कहा था कि राहुल गाँधी पार्टी के भविष्य हैं। हालाँकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने अर्जुनसिंह की बात को खारिज कर दिया था।
उन्होंने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यालय में आयोजित समारोह के दौरान इन अटकलों पर यह कहकर विराम दे दिया कि अगर पार्टी फिर से सत्ता में आती है तो मनमोहनसिंह ही लाल किले पर झंडा फहराएँगे।
प्रवासी भारतीय दिवस में हिस्सा ले रहे एक प्रतिनिधि के पूछे गए सवाल का मुखर्जी जवाब दे रहे थे। उनसे यह पूछा गया था कि देश के पास युवा नेतृत्व क्यों नहीं है।
विदेशमंत्री ने 38 वर्षीय उमर अब्दुल्ला की याद दिलाते हुए कहा कि भारत के एक महत्वपूर्ण प्रदेश जम्मू-कश्मीर में वे मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने 80 के दशक की याद दिलाते हुए कहा कि भाषा के एक स्नातकोत्तर छात्र पीके महंत ने देश के अशांत प्रदेश असम में विश्वविद्यालय परिसर से सीधे 30 साल की उम्र में सचिवालय की राह ली थी।
दो दिन पहले पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि राहुल गाँधी पार्टी के भविष्य हैं। अर्जुनसिंह, एम. वीरप्पा मोइली और पृथ्वीराज चह्वाण ने राहुल गाँधी को पार्टी का भविष्य का नेता बताया था। |