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हड़ताल से हाहाकार, 67 अधिकारी बर्खास्त
चार राज्यों में एस्मा लागू
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अधिकारियों की हड़ताल के तीसरे दिन आज देश के अधिकांश राज्यों में हाहाकार मच गया। तेल कर्मचारियों और केन्द्नीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा के बीच बातचीत का दौर अभी भी जारी है।

उधर सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) तथा इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन (आईओसी) के 67 हड़ताली अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव आरएस पांडेय ने बताया कि बर्खास्त कर्मियों में 64 ओएनजीसी के हैं जबकि तीन आईओसी के अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए तेल कंपनियों के दो अधिकारियों को इस शर्त पर रिहा कर दिया गया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और अपने दूसरे साथियों को काम पर लौटने के लिए प्रेरित करेंगे।

पांडेय ने बताया कि पेट्रोल एवं डीजल की तंगी को दूर करने के और स्थिति को काबू में रखने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सरकारों ने आवश्यक सेवा रखरखाव कानून (एस्मा) लागू कर दिया है। गुजरात में हजीरा संयंत्र से गैस उत्पादन जारी रखने के लिए ओएनजीसी अध्यक्ष आरएस शर्मा गुजरात गए हैं।

पेट्रोलियम सचिव ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर और वाहनों के लिए सीएनजी गैस की राष्ट्रीय राजधानी में कोई तंगी नहीं है। उन्होंने माना कि राजधानी के 120 पेट्रोल पंपों पर स्टॉक समाप्त हो चला है जबकि मुंबई में करीब 100 पेट्रोल पंप बिना स्टॉक के हो गए हैं। मुंबई में कुछ पंपों पर सीएनजी आपूर्ति भी बाधित हुई है।

'वेबदुनिया' को मिली जानकारी के अनुसार देशभर में 70 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद हो गए है। एचपीसीएल के पंपों से जरूर आम जनता को राहत मिल रही है। महाराष्ट्र में पेट्रोल, डीजल और गैस का जबरदस्त संकट पैदा हो गया है। मुंबई में सरकारी बसों में केवल शुक्रवार तक का ईंधन है। कई जगह घरों में पाइप लाइन से सप्लाय होने वाली सीएनजी गैस की आपूर्ति बंद हो गई है। दिल्ली में गैस से उत्पन्न की जाने वाली 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति भी ठप पड़ गई है।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल एवं गैस कंपनियों के अधिकारी वेतनमान में सुधार की अपनी माँगों को लेकर बुधवार सुबह से हड़ताल पर हैं। कंपनियों के तेल डिपो से आपूर्ति बाधित होने के कारण राजधानी सहित कई शहरों में पेट्रोल पंपों में पेट्रोल, डीजल का स्टॉक समाप्त हो गया।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश वेदव्यास ने बताया कि राजधानी और आसपास के इलाकों में गैस की कोई तंगी नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कंपनी के 170 सीएनजी स्टेशनों पर वाहनों को सीएनजी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है जबकि राजधानी के एक लाख 32 हजारों घरों में पाइप के जरिये प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी बिना किसी बाधा के जारी है।

इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि हड़ताल एक-दो दिन जारी रहती है तो पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ सकता है। बहरहाल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों की उपस्थिति में भी आज सुधार हुआ।

वाणिज्य एवं उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ने तेलकर्मियों और ट्रक हड़ताल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए हड़ताली कर्मियों के साथ तुरंत बातचीत कर समस्या के समाधान पर जोर दिया है। पीएचडी मंडल के महासचिव कृष्ण कालरा ने कहा है कि ट्रांसपोर्टरों और तेल अधिकारियों की हड़ताल से आम आदमी की परेशानी बढ़ने लगी है। उद्योगों पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।

कच्चे माल की आपूर्ति और उत्पादित माल की सप्लाई के लिए ईंधन और ट्रक दोंनों ही जरूरहैं। देश में 70 प्रतिशत माल की ढुलाई सड़क परिवहन के जरिये ही होती ह। आर्थिक मंदी के इस दौर में पहले ही उद्योगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसलिए समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।
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